धौरहरा में बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज, प्रधानों-नाविकों को निर्देश; सर्पदंश से मौत पर परिजनों को सहायता
धौरहरा/लखीमपुर खीरी। लगातार बारिश, नदियों के उफान और बाढ़ की आशंका के बीच धौरहरा तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को ईसानगर थाना परिसर के सभागार में क्षेत्रीय विधायक विनोद शंकर अवस्थी, एसडीएम राशि कृष्णा और तहसीलदार आदित्य विशाल की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम प्रधानों और नाविकों को बाढ़ की स्थिति में पूरी तरह सतर्क रहने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल प्रशासन को सूचना देने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने नाविकों से कहा कि वे आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार रहें और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखें। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति सामने आने पर बिना देरी किए प्रशासन को सूचना देने को कहा गया। साथ ही छोटी और मझली नावों को लेकर भी सावधानी बरतने की हिदायत दी गई और लोगों को उफनती नदियों में जाने से बचने की सलाह दी गई।
बैठक में क्षेत्रीय विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने बाढ़ को प्राकृतिक आपदा बताते हुए जान-माल की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपने-अपने गांवों में लोगों को सतर्क रखने और प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने की बात कही। अधिकारियों के मुताबिक क्षेत्र में लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित है, जबकि शारदा और घाघरा जैसी नदियां भी उफान पर हैं।
सर्पदंश से दो लोगों की मौत, परिवारों को आर्थिक सहायता
धौरहरा क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा और अन्य घटनाओं के बीच सर्पदंश से जान गंवाने वाले दो लोगों के परिवारों को प्रशासन की ओर से सहायता राशि भी प्रदान की गई। तहसील प्रशासन के अनुसार सदुवापुर गांव निवासी रामाधार की मौत आवारा सांड़ के हमले में हुई थी, जबकि फुसही गौड़ी गांव निवासी रामदास की मृत्यु सर्पदंश के कारण हुई थी। दोनों मामलों की जांच रिपोर्ट तहसील प्रशासन की ओर से शासन को भेजी गई थी।

रविवार को तहसील परिसर में विधायक विनोद शंकर अवस्थी, एसडीएम राशि कृष्णा और तहसीलदार आदित्य विशाल ने दोनों मृतकों के परिजनों को सहायता राशि के प्रतीकात्मक चेक सौंपे। तहसीलदार आदित्य विशाल ने बताया कि सहायता राशि पहले ही डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। तहसील परिसर में किया गया चेक वितरण कार्यक्रम प्रतीकात्मक था, जिसमें सरकारी कर्मचारी और दोनों परिवारों के सदस्य मौजूद रहे।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि सर्पदंश और अन्य प्राकृतिक आपदा से संबंधित मामलों में नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने के बाद पात्र परिवारों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
घटना के बाद प्रशासन ने संभाला मोर्चा
सर्पदंश से मौत की सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को जानकारी दी। इसके बाद ईसानगर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। नायब तहसीलदार बीरेंद्र यादव और क्षेत्रीय लेखपाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंपी। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया।
तहसीलदार आदित्य विशाल के अनुसार मृतक के परिजनों को समझाकर पोस्टमार्टम के लिए सहमति ली गई। प्रशासन की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार सरकार के दैवीय आपदा राहत कोष से पात्र परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में प्रशासन की निगरानी बढ़ी
धौरहरा क्षेत्र में बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ग्राम स्तर पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। ग्राम प्रधानों और नाविकों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि बाढ़ का पानी बढ़ने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में किसी तरह की देरी न हो।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी और बाढ़ के पानी के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं। नाव से आवागमन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन को तुरंत सूचना दें।
धौरहरा में बाढ़ की तैयारियों के साथ-साथ हाल की घटनाओं में प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाने की कार्रवाई भी प्रशासन द्वारा जारी है। अधिकारियों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में प्रशासन, ग्राम प्रधानों और स्थानीय लोगों के बीच बेहतर समन्वय से ही जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।

