लखीमपुर-खीरी: दोमुंहे सांप तस्करी मामले में पुलिस पर कार्रवाई, प्रभारी निरीक्षक समेत 8 पुलिसकर्मी निलंबित
लखीमपुर-खीरी। मैगलगंज थाना क्षेत्र में सामने आए कथित दोमुंहे सांप तस्करी मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद विभागीय जांच कराई गई। जांच के बाद मैगलगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक समेत कुल आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मामला दोमुंहे सांप यानी रेड सैंड बोआ से जुड़ा बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मैगलगंज पुलिस ने कुछ युवकों को संदिग्ध परिस्थितियों में गिरफ्तार किया था। पुलिस की ओर से दावा किया गया था कि युवकों के कब्जे से दो जीवित दोमुंहे सांप बरामद हुए थे और उन्हें वन विभाग के सुपुर्द किया गया था। इसके अलावा कुछ मोबाइल फोन भी बरामद किए जाने की बात सामने आई थी।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
गिरफ्तार युवकों के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का दावा था कि युवकों को हिरासत में लेने के बाद उन्हें एक निजी मकान में रखा गया और बाद में परिवार से संपर्क कर बच्ची की दुर्घटना में मौत होने की बात बताई गई। इसके बाद कथित तौर पर करीब दो लाख रुपये की मांग की गई और परिजनों के अनुसार रकम एक बैंक खाते में ट्रांसफर कराई गई।
परिजनों ने युवकों के साथ मारपीट और धमकी देने के आरोप भी लगाए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होने की बात भी सामने आई है। यही वजह है कि पूरे मामले में विभागीय जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तीन युवकों की गिरफ्तारी से शुरू हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, मैगलगंज क्षेत्र में रजहनिया अंडरपास के पास संदिग्ध अर्टिगा कार को रोककर तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार युवकों की पहचान मोनू सिंह, अंकित मौर्य और पुष्कर सिंह उर्फ सोल्जर के रूप में बताई गई। वहीं, तीन अन्य युवकों के मौके से फरार होने की जानकारी दी गई थी।
पुलिस का दावा था कि कार से दो जीवित दोमुंहे सांप और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ में युवकों द्वारा सांपों को बेचने के लिए लाए जाने की बात सामने आने का भी दावा किया गया था। इसके बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई और सांपों को वन विभाग को सौंपे जाने की बात कही गई।
पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
मामले में सामने आए आरोपों के बाद पुलिस विभाग ने विभागीय जांच कराई। जानकारी के मुताबिक, जांच के बाद निरीक्षक संजीव कुमार सिंह और उपनिरीक्षक शुभम कुमार समेत आठ पुलिसकर्मियों को कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किया गया है।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि विभाग ने मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका को गंभीरता से लिया है। हालांकि, निलंबन को अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। विभागीय जांच और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
रुपये के लेनदेन के आरोपों की भी जांच
मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू कथित रुपये के लेनदेन से जुड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में युवकों की गिरफ्तारी, कथित बरामदगी और पैसों के लेनदेन से जुड़े आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि कोई आर्थिक लेनदेन हुआ है तो उसकी प्रकृति क्या थी।
फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोमुंहे सांप की कथित तस्करी से शुरू हुआ यह मामला अब पुलिस की कार्यप्रणाली और कथित आर्थिक लेनदेन के आरोपों तक पहुंच गया है, जिससे पूरे प्रकरण पर लोगों की नजर बनी हुई है।

