ढखेरवा में मारपीट के आरोप के बाद बवाल, CCTV रूम पर ताला और थाने के बाहर धरना; संगठन ने गिरफ्तारी तक आंदोलन की दी चेतावनी
ढखेरवा-खीरी। थाना पढ़ुआ क्षेत्र की ढखेरवा चौकी से जुड़ा एक मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मोटरसाइकिल की फाइनेंस किश्त को लेकर हुए विवाद में मारपीट, जातिसूचक गाली-गलौज और धमकी के आरोपों के बाद भारतीय किसान मजदूर यूनिट सिंघानिया संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पढ़ुआ थाने पहुंच गए। संगठन का आरोप है कि उसके रमियाबेहड़ ब्लॉक अध्यक्ष शिवपूजन राज के साथ सियाराम मोटरसाइकिल एजेंसी से जुड़े लोगों ने मारपीट की, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।
मामले की जांच के लिए पुलिस जब ढखेरवा स्थित सियाराम हीरो एजेंसी पहुंची तो उससे पहले ही CCTV रूम में ताला लगाए जाने की बात सामने आई। आरोप है कि एजेंसी मालिक छोटू जायसवाल ने पुलिस के पहुंचने से पहले CCTV रूम पर ताला लगा दिया और मौके से चले गए। घटना से जुड़े CCTV फुटेज को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। ऐसे में CCTV रूम पर ताला लगाए जाने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
मारपीट में चोट लगने का आरोप
पीड़ित शिवपूजन राज की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में मारपीट समेत अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं। संगठन का कहना है कि मारपीट की घटना में शिवपूजन राज के शरीर पर कई चोटें आई हैं और सिर में भी चोट लगने की बात कही गई है। संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि मामला दर्ज होने के बावजूद अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
वहीं, पुलिस की ओर से मामले में मुकदमा दर्ज किए जाने की बात संगठन के पदाधिकारियों ने कही है। हालांकि, पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक रूप से क्या तथ्य सामने आते हैं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
सैकड़ों कार्यकर्ता पहुंचे पढ़ुआ थाना
घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय किसान मजदूर यूनिट सिंघानिया संगठन के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता पढ़ुआ थाने पहुंच गए। संगठन की ओर से थाने के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक शिवपूजन राज पर हमला करने के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा।

संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस पर आरोपियों के प्रति नरमी बरतने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच में यदि CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों को शामिल किया जाता है तो घटना की वास्तविक स्थिति सामने आने में मदद मिल सकती है।
CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सवाल
इस पूरे मामले में अब सबसे ज्यादा चर्चा CCTV फुटेज को लेकर हो रही है। घटना एजेंसी परिसर से जुड़ी बताई जा रही है और वहां CCTV कैमरे लगे होने की बात सामने आई है। ऐसे में फुटेज घटना के समय मौजूद लोगों, विवाद की शुरुआत और मारपीट की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले CCTV रूम पर ताला लगाए जाने के आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब सवाल यह है कि CCTV कैमरों में घटना से जुड़ी क्या तस्वीरें रिकॉर्ड हुई हैं और क्या पुलिस उन फुटेज को सुरक्षित कर जांच में शामिल करेगी?
गिरफ्तारी नहीं हुई तो रोड जाम की चेतावनी
धरने पर बैठे संगठन के पदाधिकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। संगठन की ओर से कहा गया है कि यदि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एसके सिंघानिया के निर्देश पर अगले दिन सड़क जाम करने का कार्यक्रम किया जाएगा।

संगठन ने स्पष्ट किया है कि उसके किसी पदाधिकारी के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। देर रात तक पढ़ुआ थाने के सामने धरना जारी रहने की बात कही गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी होने तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे।
फिलहाल ढखेरवा का यह मामला मारपीट के आरोप, CCTV फुटेज और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चर्चा में है। अब सभी की नजर पुलिस की जांच और CCTV फुटेज से सामने आने वाले तथ्यों पर है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।


