दुलही गांव में अवैध मेडिकल स्टोर पर छापा, 40 हजार की दवाएं सीज, संचालक फरार
लखीमपुर खीरी। जिले में अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोर और बिना अनुमति दवाओं की बिक्री के खिलाफ औषधि विभाग ने करवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में आईजीआरएस (IGRS) पर मिली शिकायत के आधार पर औषधि निरीक्षक बबीता रानी ने पढ़ुआ पुलिस के साथ दुलही गांव में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एक घर में कथित रूप से अवैध तरीके से संचालित किए जा रहे मेडिकल स्टोर का खुलासा हुआ।
औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने गांव दुलही में दीपक कुमार के घर पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। अधिकारियों के मुताबिक, घर के अंदर बिना वैध अनुमति के एलोपैथिक दवाओं का कारोबार किया जा रहा था। टीम के पहुंचने की जानकारी मिलते ही मेडिकल स्टोर का संचालक दीपक कुमार मौके से फरार हो गया।
करीब 40 हजार रुपये की दवाएं सीज
छापेमारी के दौरान टीम को मौके पर बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं मिलीं। औषधि निरीक्षक ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए करीब 40 हजार रुपये कीमत की दवाओं को सीज कर लिया। कार्रवाई के दौरान दीपक कुमार की मां निशा देवी मौके पर मौजूद थीं।
औषधि विभाग की टीम ने बरामद दवाओं की जांच करते हुए उनमें से पांच दवाओं के नमूने लिए। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद दवाओं की गुणवत्ता और उनकी वैधता से संबंधित स्थिति स्पष्ट होगी।
IGRS शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
बताया गया कि दुलही गांव में अवैध मेडिकल स्टोर और दवाओं की बिक्री को लेकर आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए औषधि विभाग ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई को अंजाम दिया

अधिकारियों की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर संचालित करने वालों में हड़कंप मच गया है। औषधि विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुमति दवाओं की बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
नारकोटिक दवाओं की अवैध बिक्री पर भी नजर
औषधि विभाग की ओर से अवैध मेडिकल स्टोर के साथ-साथ नारकोटिक और अन्य प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री पर भी नजर रखी जा रही है। विभाग का कहना है कि नियमों का उल्लंघन कर दवाओं की बिक्री करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दवाओं की बिक्री के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। बिना आवश्यक लाइसेंस या अनुमति के मेडिकल स्टोर चलाना और दवाओं की बिक्री करना कानून के दायरे में आता है। ऐसे मामलों में विभाग द्वारा जांच के बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
कार्रवाई से मचा हड़कंप
दुलही गांव में औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त छापेमारी की जानकारी मिलते ही आसपास के क्षेत्र में भी चर्चा तेज हो गई। खासतौर पर बिना वैध दस्तावेजों के दवा कारोबार करने वालों में कार्रवाई का डर बढ़ गया है।
औषधि निरीक्षक बबीता रानी की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई में करीब 40 हजार रुपये की दवाओं को सीज किया गया है, जबकि पांच दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। वहीं, मेडिकल स्टोर संचालक दीपक कुमार के फरार होने के कारण विभाग की आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर होगी।
Lok Insight Media की नजर अवैध दवा कारोबार और जनहित से जुड़े ऐसे मामलों पर बनी रहेगी।

