दोमुंहे सांप मामले की जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका पर उठे सवाल, 8 पुलिसकर्मियों समेत 9 पर मुकदमा.दोमुंहे सांप मामले की जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका पर उठे सवाल, 8 पुलिसकर्मियों समेत 9 पर मुकदमा.

दोमुंहे सांप के मामले में नया खुलासा: पुलिस पर वसूली का आरोप, 8 पुलिसकर्मियों समेत 9 के खिलाफ मुकदमा

लखीमपुर खीरी। मैगलगंज थाना क्षेत्र में सामने आए दोमुंहे सांप यानी रेड सैंड बोआ की तस्करी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। वन्यजीव तस्करी के आरोप में पकड़े गए युवकों से जुड़े मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। वसूली और आरोपियों को कथित तौर पर छोड़ने के आरोपों की जांच के बाद आठ पुलिसकर्मियों और एक निजी व्यक्ति समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

मामला रहजनिया अंडरपास के पास से शुरू हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने एक सफेद अर्टिगा कार को रोककर उसमें सवार तीन युवकों को पकड़ा था। पुलिस के अनुसार पकड़े गए युवकों की पहचान मोनू सिंह, अंकित मौर्य और पुष्कर सिंह उर्फ सोल्जर के रूप में हुई थी। तलाशी के दौरान कार से दो जीवित रेड सैंड बोआ और चार मोबाइल फोन बरामद होने का दावा किया गया था।

बताया गया कि बरामद सांपों को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया और गिरफ्तार युवकों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की गई। इसके बाद मामले में उस समय नया मोड़ आया जब गिरफ्तार युवकों के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए।

हिरासत में पैसे मांगने का आरोप

परिजनों की ओर से आरोप लगाया गया कि युवकों को हिरासत में रखने के दौरान उनसे पैसों की मांग की गई। आरोप यह भी है कि रकम दिए जाने के बाद भी युवकों को कथित तौर पर निजी स्थान पर रखा गया। जांच के दौरान करीब दो लाख रुपये एक बैंक खाते में भेजे जाने का दावा भी सामने आया।

मामले की जांच के दौरान जिस बैंक खाते का उल्लेख हुआ, उसके धारक को भी अब मुकदमे में आरोपी बनाया गया है। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

मामले में हिरासत के दौरान मारपीट और धमकी देने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार इन आरोपों की जांच जारी है और संबंधित तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है।

आठ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

शिकायतों के बाद हुई प्रारंभिक जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका और कर्तव्य निर्वहन को लेकर सवाल उठे। इसके बाद तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार सिंह, उपनिरीक्षक शुभम कुमार, मुख्य आरक्षी देवेंद्र सिंह यादव, आरक्षी देवेंद्र सिसोदिया, राहुल कुमार, रोहित कुमार, विश्वास सिंह और अमित कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामले से जुड़े आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही से संबंधित तथ्य सामने आए। इसके बाद प्रकरण की विस्तृत जांच एएसपी पश्चिमी को सौंप दी गई।

वन्यजीव तस्करी से बढ़कर पुलिस की कार्यप्रणाली तक पहुंचा मामला

दोमुंहे सांप की कथित तस्करी से शुरू हुआ यह मामला अब पुलिस की कार्यप्रणाली और कथित वसूली के आरोपों तक पहुंच गया है। शुरुआत में पुलिस कार्रवाई का केंद्र रेड सैंड बोआ की बरामदगी और वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई था, लेकिन बाद में सामने आई शिकायतों ने पूरे प्रकरण को गंभीर बना दिया।

अब आठ पुलिसकर्मियों समेत नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद विस्तृत जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका थी और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। अधिकारियों के मुताबिक जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

महत्वपूर्ण: पुलिसकर्मियों और अन्य आरोपियों पर लगाए गए वसूली, मारपीट अथवा धमकी के आरोप अभी जांच के विषय हैं। इन आरोपों को अदालत में अंतिम रूप से सिद्ध होना बाकी है।


By LAVKUSH KUMAR MAURYA

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