लखीमपुर में चारा लेकर लौट रहे किसान की चाकुओं से गोदकर हत्या, शव उठाने पर भड़के ग्रामीण; पुलिस से झड़प
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक बुजुर्ग किसान की हत्या से सनसनी फैल गई। सदर कोतवाली क्षेत्र के मथना गांव में मवेशियों के लिए चारा लेकर घर लौट रहे 65 वर्षीय किसान शिवसागर वर्मा पर अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। जब पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी, तो ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला हंगामे और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की तक पहुंच गया।
शनिवार शाम करीब 6:30 बजे हुई वारदात
प्राप्त समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, मथना गांव निवासी शिवसागर वर्मा शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को अपने खेत से मवेशियों के लिए चारा लेने गए थे। शाम करीब 6:30 बजे वह साइकिल से चारा लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उन पर हमला किया गया।
काफी देर तक शिवसागर वर्मा के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खेत की ओर जाने वाले रास्ते पर वह लहूलुहान हालत में मृत मिले। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव में बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए। शुरुआती रिपोर्टों में हमलावरों की संख्या और हत्या के पीछे की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचीं एसपी
घटना की जानकारी मिलने पर सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग, अपर पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार और सीओ सिटी महक शर्मा सहित पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए।
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत कर घटना की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। हालांकि, किसान की हत्या से नाराज ग्रामीण शव को उठाने देने के लिए तैयार नहीं थे। वे आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी और परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे थे।
शव ले जाने पर हंगामा, पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की प्रक्रिया शुरू की। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और शव ले जा रहे पुलिस वाहन को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
समाचार रिपोर्टों के अनुसार, हंगामे के दौरान धक्का-मुक्की हुई और पुलिस के वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई। हालात बिगड़ने पर आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। काफी विरोध के बीच पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ले गई।
जनवरी में चचेरे भाई पर भी हुआ था चाकू से हमला
ग्रामीणों और परिवार की नाराजगी की एक बड़ी वजह जनवरी 2026 में हुई एक पुरानी घटना भी बताई जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, शिवसागर वर्मा के चचेरे भाई सुनील वर्मा पर 19 जनवरी 2026 को कथित तौर पर जानलेवा हमला हुआ था। परिजनों का आरोप है कि उस मामले में हमलावरों का पता नहीं चल सका।
परिवार और ग्रामीणों ने आशंका जताई कि पुराने हमले के मामले में कार्रवाई नहीं होने से ऐसी घटना दोबारा हुई। हालांकि, जनवरी में हुए हमले और शिवसागर वर्मा की हत्या के बीच किसी संबंध की पुलिस ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इस पहलू की जांच होना भी महत्वपूर्ण है।
मौके पर पहुंचे सदर विधायक योगेश वर्मा
किसान की हत्या और गांव में बढ़ते तनाव की सूचना पर सदर विधायक योगेश वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मामले की जानकारी ली और परिजनों से मुलाकात की। घटनास्थल पर पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया।
घटना के बाद मथना गांव और आसपास के क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की खबर है।
अभी तक क्या हुआ खुलासा?
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, किसान शिवसागर वर्मा की हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। किसी आरोपी की गिरफ्तारी की भी पुष्टि नहीं मिली है। पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण और शरीर पर लगी चोटों की प्रकृति के संबंध में अतिरिक्त जानकारी मिलने की उम्मीद है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि चारा लेकर घर लौट रहे बुजुर्ग किसान की हत्या किसने और क्यों की? पुलिस जांच के बाद ही इसका जवाब सामने आएगा। Lok Insight Media इस मामले में पुलिस की आधिकारिक जानकारी और जांच के अगले अपडेट पर नजर बनाए रखेगा।

