लखीमपुर में तेंदुए का खूनी हमला: आंगन से 5 साल की बच्ची को उठा ले गया, 20 वर्षीय चाचा ने जान की बाजी लगाकर जबड़े से छुड़ाया
लखीमपुर खीरी। जिले में तेंदुए के हमले की एक बेहद खौफनाक घटना सामने आई है। घर के आंगन में खेल रही पांच साल की मासूम बच्ची पर अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुआ बच्ची की गर्दन अपने जबड़े में दबाकर उसे घर से करीब 100 मीटर दूर तक खींच ले गया। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर परिवार में हड़कंप मच गया। इसी दौरान 20 वर्षीय चाचा सुखविंदर ने अदम्य साहस दिखाते हुए तेंदुए का पीछा किया और लाठी-डंडों से हमला कर अपनी भतीजी को उसके जबड़े से छुड़ा लिया। हालांकि, तेंदुए के हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर उत्तर निघासन वन रेंज के मंझरा पूरब गांव की है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी जसविंदर सिंह उर्फ बिट्टू (32) खेती-किसानी करते हैं। परिवार में उनकी पत्नी चन्ना कौर (30), पांच वर्षीय बेटी मनप्रीत और दो वर्षीय बेटा लवजीत सिंह हैं। जसविंदर के तीन भाई सत्येंद्र सिंह (23), सुखविंदर (20) और करन (18) भी उनके साथ रहते हैं। परिवार के सभी लोग खेती-किसानी से जुड़े हैं।
आंगन में खेल रही थी मासूम, अचानक झपट पड़ा तेंदुआ
परिजनों के मुताबिक, सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे मनप्रीत घर के आंगन में खेल रही थी। परिवार के लोग अपने काम में लगे हुए थे। तभी अचानक एक तेंदुआ आंगन में पहुंच गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, तेंदुए ने बच्ची पर हमला कर दिया और उसकी गर्दन अपने जबड़े में दबा ली। इसके बाद वह बच्ची को घसीटते हुए घर से करीब 100 मीटर दूर ले गया।
अचानक हुए इस हमले से परिवार के लोगों में चीख-पुकार मच गई। बच्ची को तेंदुए के कब्जे में देखकर चाचा सुखविंदर ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने तुरंत तेंदुए का पीछा करना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि सुखविंदर ने लाठी-डंडों से तेंदुए पर हमला किया। काफी संघर्ष के बाद वह बच्ची को तेंदुए के जबड़े से छुड़ाने में सफल रहे। लोगों के विरोध और हमले के बाद तेंदुआ पास के गन्ने के खेत में भाग गया।
गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर हुई बच्ची
तेंदुए के हमले में मनप्रीत की गर्दन समेत शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद पिता जसविंदर सिंह और चाचा सुखविंदर बच्ची को बाइक पर बैठाकर तत्काल सीएचसी रमिया बेहड़ लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने बच्ची का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वन विभाग की टीम भी बच्ची के साथ भेजी गई है।
गांव में दहशत, लाठी-डंडे लेकर पहरा दे रहे ग्रामीण
मासूम पर तेंदुए के हमले की खबर फैलते ही मंझरा पूरब गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों और परिजनों में वन्यजीव के दोबारा हमले का डर बना हुआ है। लोगों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है। ग्रामीण अपनी सुरक्षा को लेकर लाठी-डंडों से लैस होकर झुंड बनाकर गांव में घूम रहे हैं। खासकर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की कॉम्बिंग शुरू
मामले पर रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि तेंदुए के हमले में घायल बच्ची को नजदीकी सीएचसी भेजवाया गया था। वहां डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वन विभाग की टीम को बच्ची के साथ भेजा गया है। उन्होंने बताया कि तेंदुए की लोकेशन का पता लगाने के लिए क्षेत्र में कॉम्बिंग की जा रही है। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर निघासन क्षेत्र में मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब ग्रामीणों की निगाहें वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। गांव के लोग चाहते हैं कि तेंदुए को जल्द पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए, ताकि भविष्य में किसी और मासूम या ग्रामीण को इस तरह के हमले का शिकार न होना पड़े।

