लखीमपुर खीरी: अनुबंधित बसों की हड़ताल के बीच ARTO की बड़ी कार्रवाई, 7 अवैध डग्गामार बसें और 2 अर्टिगा कार सीज
लखीमपुर खीरी। जिले में अनुबंधित बसों की हड़ताल के बीच अवैध रूप से यात्रियों का परिवहन कर रहे डग्गामार वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) खीरी शांति भूषण पांडेय के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान 7 अवैध डग्गामार बसों और 2 अर्टिगा कारों को सीज कर दिया गया। विभाग की इस कार्रवाई से अवैध परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, अनुबंधित बसों की हड़ताल का फायदा उठाकर कई निजी वाहन और बिना वैध परमिट के संचालित बसें यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हुए विभिन्न मार्गों पर संचालित हो रही थीं। इनकी शिकायतें लगातार परिवहन विभाग और प्रशासन को मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ARTO शांति भूषण पांडेय ने टीम के साथ जिले के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया।

जांच के दौरान कई बसों के दस्तावेज, परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्रों की जांच की गई। जिन वाहनों में अनियमितताएं पाई गईं या जो बिना वैध अनुमति के यात्रियों का परिवहन करते मिले, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए 7 बसों और 2 अर्टिगा कारों को सीज कर दिया गया। विभाग ने संबंधित वाहन चालकों और संचालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
ARTO शांति भूषण पांडेय ने बताया कि अवैध परिवहन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित करना परिवहन विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आगे भी लगातार जारी रहेगा। जो भी वाहन बिना वैध परमिट या नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालित पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, सीज की गई कुछ बसें जिले के बड़े डग्गामार परिवहन संचालकों से जुड़ी बताई जा रही हैं। हालांकि परिवहन विभाग ने इस संबंध में किसी विशेष व्यक्ति या संस्था का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। विभाग का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने भी स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से जिले में डग्गामार वाहन बिना किसी रोक-टोक के संचालित हो रहे थे, जिससे न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा था बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही थी। ऐसे वाहनों में अक्सर क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जाती हैं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के अभियान नियमित रूप से चलाए जाएं तो अवैध परिवहन पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। साथ ही वैध परमिट धारक बस संचालकों को भी निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा।
फिलहाल परिवहन विभाग का अभियान जारी है और आने वाले दिनों में भी जिले के विभिन्न मार्गों पर सघन जांच की जाएगी। अधिकारियों ने वाहन संचालकों से अपील की है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेजों और वैध परमिट के साथ ही वाहन संचालित करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
