नागमणि का लालच देकर नेपाली नागरिकों से लाखों की ठगी का खुलासा, पढ़ुआ पुलिस ने मुख्य आरोपी दबोचा
लखीमपुर खीरी/पढ़ुआ। नागमणि देने का झांसा देकर नेपाल के नागरिकों से कथित तौर पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ पढ़ुआ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी कमलेश कुमार को गिरफ्तार करने का दावा किया है। आरोपी के कब्जे से 3 लाख रुपये नकद बरामद होने की जानकारी दी गई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक, ठगी का मामला नेपाल के रहने वाले तीन लोगों की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायतकर्ताओं में ललितपुर, गोरखा और तनहु निवासी व्यक्ति शामिल बताए गए हैं। आरोप है कि उन्हें नागमणि उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाकर रकम ली गई और बाद में उनके साथ धोखाधड़ी की गई।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
मामला सामने आने के बाद पढ़ुआ पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने आरोपों से जुड़े लोगों की गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर के माध्यम से मुख्य आरोपी के संबंध में सूचना मिलने की बात सामने आई।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मल्लबेहड़-दुलही पुल के पास घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार रविवार सुबह की गई कार्रवाई के दौरान संदिग्ध को पकड़ लिया गया। पूछताछ और तलाशी की कार्रवाई के बाद आरोपी की पहचान कमलेश कुमार के रूप में बताई गई।
तीन लाख रुपये की नकदी बरामद
पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी के पास से 3 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बरामद रकम को मामले से जोड़कर जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित ठगी में कितने लोग शामिल थे और अन्य आरोपियों की भूमिका क्या थी।
मामले में पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार मुकदमा मु.अ.सं. 432/2026 के तहत दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) और 317(2) BNS के तहत कार्रवाई की गई है।
कैसे दिया गया ठगी का झांसा?
प्रारंभिक शिकायत के अनुसार, पीड़ितों को कथित तौर पर नागमणि उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया था। इसी लालच में उनसे बड़ी रकम ली गई। बाद में जब वादा पूरा नहीं हुआ तो पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की।
नागमणि जैसे दुर्लभ और रहस्यमय दावों का इस्तेमाल करके लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के मामलों में पुलिस लगातार लोगों को सावधान रहने की सलाह देती है। किसी भी व्यक्ति द्वारा चमत्कारी वस्तु, कीमती रत्न या असाधारण लाभ दिलाने का दावा किए जाने पर बिना सत्यापन के पैसा देना जोखिम भरा हो सकता है।

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित ठगी में आरोपी के साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस तरीके से अन्य लोगों को भी निशाना बनाया गया था या नहीं।
पुलिस की कार्रवाई से ऐसे लोगों में हड़कंप मच सकता है, जो लालच देकर दूसरे राज्यों या पड़ोसी देश के नागरिकों को ठगी का शिकार बनाने में सक्रिय हैं।
थानाध्यक्ष के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई थानाध्यक्ष मोहित पुण्डीर के नेतृत्व में की गई। टीम में उपनिरीक्षक अजय कुमार सिंह, कांस्टेबल राजमन सहानी और कांस्टेबल माता प्रसाद शामिल रहे।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसके खिलाफ दर्ज मुकदमे के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, मामले में फरार बताए जा रहे अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस की कार्रवाई से खुलेगा ठगी के नेटवर्क का राज
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और नकदी बरामदगी के बाद अब पुलिस की पूछताछ से कथित ठगी के पूरे नेटवर्क की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि पीड़ितों से कुल कितनी रकम ली गई, पैसे का इस्तेमाल कहां किया गया और इस पूरे मामले में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
फिलहाल पढ़ुआ पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में नया मोड़ आया है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही जांच आगे बढ़ रही है और पुलिस के मुताबिक अन्य आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।

