बाबागंज से निकली विशाल कांवड़ यात्रा, सरयू घाट से जल लेकर गोला गोकर्णनाथ धाम रवाना हुए शिवभक्त
पढ़ुआ/ढखेरवा, लखीमपुर खीरी। श्रावण मास के पावन अवसर पर थाना पढ़ुआ क्षेत्र की ग्राम पंचायत बैरिया के बाबागंज गांव से शनिवार दोपहर करीब चार बजे विशाल कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे भगवा वस्त्र धारण कर शामिल हुए। शिवभक्तों ने पूरे उत्साह के साथ बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारे लगाए। कांवड़ यात्रा के चलते बाबागंज समेत आसपास के गांवों का माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया।
यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का प्रमुख उद्देश्य राजापुर स्थित पवित्र सरयू घाट से जल भरकर छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ धाम पहुंचना और भगवान शिव का जलाभिषेक करना है। कांवड़ियों का जत्था पहले राजापुर के सरयू घाट पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से सरयू जल भरा और कलश सजाए। इसके बाद ढोल-नगाड़ों और भक्ति जयकारों के बीच कांवड़ यात्रा गोला गोकर्णनाथ के लिए रवाना हुई।
भगवा रंग में नजर आया बाबागंज
कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने से बाबागंज और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। युवा कांवड़ियों के साथ बच्चे और अन्य ग्रामीण भी यात्रा का हिस्सा बने। हाथों में भगवा ध्वज और कंधों पर कांवड़ लेकर चल रहे श्रद्धालु लगातार भगवान शिव का जयघोष करते रहे।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए जगह-जगह स्थानीय लोगों की ओर से व्यवस्थाएं की गईं। कांवड़ियों के लिए शरबत, फल और जलपान की व्यवस्था की गई, जिससे लंबी यात्रा पर निकले शिवभक्तों को राहत मिली।

जगह-जगह हुआ कांवड़ियों का स्वागत
बाबागंज से निकली कांवड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों में भी खासा उत्साह दिखाई दिया। यात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों को पानी और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई।
आयोजकों के मुताबिक इस कांवड़ यात्रा का उद्देश्य केवल भगवान शिव का जलाभिषेक करना ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में शांति, समृद्धि और अच्छी बारिश के लिए प्रार्थना करना भी है। यात्रा को लेकर सुबह से ही आसपास के गांवों में उत्साह का माहौल बना रहा। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना भी की गई।
सरयू जल से होगा भगवान शिव का अभिषेक
राजापुर के सरयू घाट से पवित्र जल भरने के बाद शिवभक्त अपनी यात्रा के अगले पड़ाव की ओर बढ़े। श्रद्धालुओं का लक्ष्य गोला गोकर्णनाथ धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करना है।
कांवड़ यात्रा में शामिल भक्तों का कहना है कि सावन के महीने में भगवान शिव की आराधना और जलाभिषेक करने की विशेष धार्मिक मान्यता है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालु लंबी दूरी की यात्रा कर रहे हैं। पैदल यात्रा के दौरान भक्तों में थकान के बजाय उत्साह और भक्ति की भावना देखने को मिली।
सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस और ग्रामीणों का सहयोग
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस के साथ ग्राम पंचायत के लोगों ने भी सहयोग किया। यात्रा मार्ग पर भीड़ को व्यवस्थित रखने और कांवड़ियों की सुविधा का ध्यान रखने के प्रयास किए गए।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सावन में हर वर्ष आयोजित होने वाली यह कांवड़ यात्रा अब क्षेत्र की आस्था, एकता और भाईचारे की पहचान बनती जा रही है। अलग-अलग गांवों के लोग मिलकर कांवड़ियों की सेवा करते हैं और यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में सहयोग करते हैं।

भक्ति और भाईचारे का संदेश दे रही कांवड़ यात्रा
बाबागंज से निकली इस विशाल कांवड़ यात्रा में उमड़ी भीड़ ने क्षेत्र में धार्मिक उत्साह को और बढ़ा दिया। ढोल-नगाड़ों की धुन, भगवा ध्वज और हर-हर महादेव के जयकारों के बीच शिवभक्त गोला गोकर्णनाथ धाम की ओर बढ़ते रहे।
कांवड़ यात्रा के आयोजन से ग्रामीणों में आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना भी मजबूत हुई। स्थानीय लोगों और प्रशासन के सहयोग से यात्रा शांतिपूर्ण माहौल में आगे बढ़ी। अब श्रद्धालुओं को गोला गोकर्णनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने का इंतजार है।
बाबागंज से राजापुर सरयू घाट होते हुए गोला गोकर्णनाथ तक निकली इस कांवड़ यात्रा ने पूरे क्षेत्र को शिवभक्ति के रंग में रंग दिया। सैकड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी से यह यात्रा क्षेत्र में आस्था और एकता का बड़ा संदेश देती नजर आई।

