तिरंगे की शान, किसान की जान: निघासन में किसानों ने निकाली विशाल ट्रैक्टर रैली, भारत माता के जयकारों से गूंजा कस्बा
निघासन/लखीमपुर खीरी। देशभक्ति और किसान एकता का अनोखा संगम उस समय देखने को मिला, जब भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) की निघासन इकाई की ओर से कस्बे में विशाल ट्रैक्टर रैली एवं तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। रैली में बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। पूरे कस्बे में देशभक्ति का माहौल नजर आया और “भारत माता की जय” के नारों से वातावरण गूंज उठा।
ट्रैक्टरों पर शान से लहराते तिरंगे और किसानों के जोश ने रैली को खास बना दिया। किसान एकता, राष्ट्रप्रेम और तिरंगे के सम्मान का संदेश देते हुए किसान पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए। रैली के दौरान सड़क पर एक साथ गुजरते ट्रैक्टरों और उनमें लहराते राष्ट्रीय ध्वज लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।
ट्रैक्टरों पर लहराया तिरंगा, दिखा देशभक्ति का जोश
तिरंगा यात्रा में शामिल किसानों ने अपने ट्रैक्टरों को राष्ट्रीय ध्वज से सजाया। जैसे-जैसे रैली कस्बे से आगे बढ़ी, लोगों की नजरें ट्रैक्टरों पर लहराते तिरंगे और किसानों के उत्साह पर टिक गईं। किसानों ने देश के प्रति अपने सम्मान और जिम्मेदारी को प्रदर्शित करते हुए भारत माता की जय के नारे लगाए।
रैली का उद्देश्य केवल किसानों की एकजुटता प्रदर्शित करना ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और राष्ट्रप्रेम का संदेश भी लोगों तक पहुंचाना रहा। किसानों ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवान और देशवासियों के लिए अन्न पैदा करने वाला किसान, दोनों ही राष्ट्र की ताकत हैं।

किसान नेताओं ने बढ़ाया रैली का उत्साह
कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) से जुड़े कई प्रमुख किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष कुलवंत सिंह जीशान, जसपाल सिंह पल्ला, सुरेंद्र, इकबाल सिंह, निंदर सिंह, लखविंदर सिंह, अमरजीत सिंह, देवेंद्र सिंह, जसवीर सिंह, मंजीत सिंह, अवतार सिंह, रामेन्द्र सिंह, बलदेव सिंह बैसाखा, सर्वेश राज, राममूर्ति राज, कामता, विनोद यादव, मनोज यादव और श्यामबिहारी गुप्ता समेत तमाम किसान साथी रैली में शामिल हुए।
किसान नेताओं की मौजूदगी से कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखने को मिला। रैली के दौरान किसानों ने एकजुटता का संदेश देते हुए राष्ट्रहित और किसान हित को प्राथमिकता देने की बात कही।
किसान और तिरंगा, दोनों देश की पहचान
रैली में किसानों की ओर से यह संदेश दिया गया कि किसान देश का अन्नदाता है और तिरंगा देश की आन-बान-शान का प्रतीक है। दोनों का सम्मान प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। किसानों ने कहा कि खेती और किसान देश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। वहीं राष्ट्रीय ध्वज देश की स्वतंत्रता, एकता और गौरव का प्रतीक है।
तिरंगा यात्रा के दौरान किसानों में देशभक्ति का उत्साह साफ दिखाई दिया। कई जगह लोगों ने रैली को देखकर किसानों का उत्साह बढ़ाया। पूरे आयोजन में राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का संदेश प्रमुखता से दिखाई दिया।

निघासन में देखने को मिला एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश
निघासन कस्बे में निकली इस विशाल ट्रैक्टर रैली ने किसान एकता के साथ-साथ राष्ट्रप्रेम की भावना को भी मजबूत किया। ट्रैक्टरों की कतार और तिरंगे की शान ने कार्यक्रम को भव्य स्वरूप दिया। किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा में भाग लेते हुए देश के प्रति अपनी आस्था और सम्मान प्रकट किया।
रैली में शामिल किसानों का कहना था कि किसान केवल खेतों में अन्न पैदा करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि देश की मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला अन्नदाता है। देश के जवानों और किसानों के योगदान को सम्मान देना हर नागरिक का कर्तव्य है।
निघासन में आयोजित यह ट्रैक्टर रैली एवं तिरंगा यात्रा क्षेत्र में किसान एकता, राष्ट्रप्रेम और तिरंगे के सम्मान का संदेश छोड़ गई। बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। तिरंगे से सजे ट्रैक्टरों के साथ निकली यात्रा ने पूरे कस्बे में देशभक्ति का माहौल बना दिया और “तिरंगे की शान, किसान की जान” का संदेश लोगों तक पहुंचाया।

