राजा प्रताप विक्रम शाह इंटर कॉलेज का बदला स्वरूप, 56 लाख की लागत से विकास कार्यों ने बढ़ाई विद्यालय की रौनक
सिंगाही/लखीमपुर खीरी। सिंगाही कस्बे के इकलौते राजा प्रताप विक्रम शाह इंटर कॉलेज में कराए गए निर्माण और विकास कार्यों के बाद विद्यालय का स्वरूप पहले की अपेक्षा काफी आकर्षक और व्यवस्थित नजर आने लगा है। विद्यालय परिसर में भवन निर्माण से लेकर बरामदे, मुख्य गेट और अन्य जरूरी सुविधाओं से जुड़े कार्य कराए गए हैं। इन विकास कार्यों पर करीब 56 लाख रुपये की धनराशि खर्च की गई है।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार शासन से प्राप्त धनराशि के माध्यम से कॉलेज में लंबे समय से जरूरी विकास कार्यों को गति दी गई। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद विद्यालय भवन को आधुनिक स्वरूप मिला है। इससे विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों और अभिभावकों को भी बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने की उम्मीद है।
शासन की योजना से मिली विकास कार्यों को गति
राजा प्रताप विक्रम शाह इंटर कॉलेज के प्रबंधक संजय तिवारी के प्रयासों से विद्यालय को शासन की अलंकार प्रोजेक्ट योजना के अंतर्गत धनराशि उपलब्ध हुई। इसी धनराशि से कॉलेज परिसर में आवश्यक निर्माण और विकास कार्य कराए गए।
विद्यालय प्रबंधन के मुताबिक कॉलेज के विकास के लिए करीब 56 लाख रुपये की लागत से काम कराया गया। इसमें विद्यालय भवन से संबंधित निर्माण कार्यों के अलावा अन्य जरूरी सुविधाओं को भी बेहतर बनाने पर ध्यान दिया गया। निर्माण पूरा होने के बाद विद्यालय परिसर पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और आकर्षक दिखाई दे रहा है।
44 लाख रुपये से हुआ प्रमुख निर्माण
विद्यालय के प्रधानाचार्य मदन गोपाल वर्मा ने बताया कि शासन से प्राप्त धनराशि में से लगभग 44 लाख रुपये की लागत से इंटर कॉलेज के बरामदे, मुख्य गेट और भवन में आवश्यक कमरों का निर्माण कराया गया है।
इन निर्माण कार्यों का उद्देश्य विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। भवन में नए कमरों के निर्माण से विद्यालय की जरूरतों के अनुसार स्थान उपलब्ध हुआ है। वहीं बरामदे और मुख्य प्रवेश द्वार के निर्माण से कॉलेज परिसर की व्यवस्था में भी सुधार हुआ है।

प्रधानाचार्य के अनुसार निर्माण कार्य प्रबंध समिति की निगरानी में कराया गया, जिससे उपलब्ध धनराशि का इस्तेमाल विद्यालय की आवश्यकताओं के अनुरूप किया जा सके।
आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर हुआ परिसर
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद विद्यालय का बाहरी स्वरूप पहले की अपेक्षा अधिक बेहतर दिखाई दे रहा है। भवन में किए गए निर्माण के साथ परिसर की व्यवस्था को भी व्यवस्थित किया गया है। इससे कॉलेज में आने वाले विद्यार्थियों और अभिभावकों को भी सकारात्मक बदलाव महसूस हो रहा है।
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि किसी भी शिक्षण संस्थान में बेहतर भवन और मूलभूत सुविधाएं विद्यार्थियों के अध्ययन के माहौल को प्रभावित करती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कॉलेज में आवश्यक निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी गई।
विद्यार्थियों को मिलेगा बेहतर माहौल
राजा प्रताप विक्रम शाह इंटर कॉलेज क्षेत्र का प्रमुख शिक्षण संस्थान माना जाता है। ऐसे में विद्यालय भवन का कायाकल्प होने से यहां अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। नए कमरों और बेहतर परिसर के कारण शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में सुविधा होगी।
विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रयासों से हुए इन कार्यों के बाद कॉलेज के स्वरूप में आया बदलाव स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि पुराने भवन में आवश्यक सुधार होने से विद्यालय को नई पहचान मिली है।
प्रबंधक संजय तिवारी और प्रधानाचार्य मदन गोपाल वर्मा ने विद्यालय के विकास के लिए शासन से मिली धनराशि का उपयोग आवश्यक निर्माण कार्यों में किए जाने की जानकारी दी। निर्माण कार्यों के पूरा होने के बाद अब कॉलेज को और बेहतर बनाने की दिशा में भी प्रयास जारी रहने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों और विद्यालय से जुड़े लोगों का मानना है कि शिक्षण संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं का विकास होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलता है। राजा प्रताप विक्रम शाह इंटर कॉलेज में हुए निर्माण कार्य इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखे जा रहे हैं।

