अतीक अहमद का बेटा अली अहमद पैरोल पर जेल से बाहर, कड़ी सुरक्षा में प्रयागराज रवाना
भाई आबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मिली पैरोल, चार पुलिस वाहनों के घेरे में भेजा गया
प्रयागराजझांसी/प्रयागराज। माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को भाई आबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल पर झांसी जिला जेल से बाहर निकाला गया। जेल से बाहर आने के बाद अली को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रयागराज के लिए रवाना किया गया। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने उसके साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की है।जानकारी के मुताबिक, अली अहमद को झांसी जिला जेल से पैरोल मिलने के बाद पुलिस सुरक्षा में बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे सड़क मार्ग से प्रयागराज ले जाया जा रहा है। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे रास्ते में विशेष इंतजाम किए हैं।
चार पुलिस गाड़ियों के घेरे में रवाना हुआ अली
अली अहमद की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीओ लाइन मुकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम को दी गई है। अली को करीब चार पुलिस गाड़ियों के घेरे में प्रयागराज ले जाया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था में लगभग 35 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।पुलिस टीम उसके आवागमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखेगी। जेल से बाहर निकलने से लेकर प्रयागराज पहुंचने तक पुलिस की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। संवेदनशील मामले को देखते हुए किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा बलों को पूरी तरह मुस्तैद रखा गया है।

भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होगा अली
अली अहमद को अपने भाई आबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल दी गई है। आबान अहमद का आज प्रयागराज में अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसी अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अली को जेल से बाहर लाया गया है।पैरोल मिलने के बाद अली को पुलिस सुरक्षा में सीधे प्रयागराज ले जाया जा रहा है। अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद पैरोल की शर्तों के अनुसार उसे वापस जेल जाना होगा।
प्रयागराज में बढ़ाई गई सतर्कता
अली अहमद के प्रयागराज पहुंचने को देखते हुए स्थानीय स्तर पर भी पुलिस प्रशासन की ओर से सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक तैयारियां की गई हैं। अली के साथ चल रहे पुलिसकर्मियों की टीम पूरे रास्ते सुरक्षा घेरे को बनाए रखेगी।अली के प्रयागराज पहुंचने और अंतिम संस्कार में शामिल होने के दौरान भी पुलिस की निगरानी रहेगी। प्रशासन की प्राथमिकता कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना और किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति उत्पन्न न होने देना है।

पैरोल की शर्तों के तहत होगी वापसी
पैरोल किसी कैदी को निर्धारित परिस्थितियों में अस्थायी रूप से जेल से बाहर आने की अनुमति देती है। अली अहमद को भी पारिवारिक शोक के इस अवसर पर अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल दी गई है। उसे पैरोल की निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा और तय अवधि पूरी होने के बाद जेल वापस जाना होगा।अली के प्रयागराज रवाना होने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा में है। करीब 35 पुलिसकर्मियों की तैनाती और चार वाहनों के सुरक्षा घेरे में उसे ले जाने से साफ है कि प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतना चाहता।फिलहाल अली अहमद कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच झांसी से प्रयागराज के लिए रवाना हो चुका है। अब वह अपने भाई आबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होगा। अंतिम संस्कार के बाद पैरोल की शर्तों के अनुसार उसकी आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
