कांवड़ियों की सेवा में जुटा सेवा रथ, मुफ्त चिकित्सा सुविधा से राह में मिल रही राहत
गोला गोकर्णनाथ-खीरी। सावन के पवित्र महीने में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िये गोला गोकर्णनाथ पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालु दूर-दराज के जिलों से लंबी दूरी पैदल तय करके छोटी काशी पहुंच रहे हैं। लगातार पैदल यात्रा के दौरान कांवड़ियों को होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को देखते हुए सनशाइन हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर की ओर से विशेष पहल की गई है। अस्पताल की तरफ से सेवा रथ के माध्यम से कांवड़ियों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
लंबी पैदल यात्रा के कारण कांवड़ियों को पैरों में सूजन, चोट, मांसपेशियों में खिंचाव, थकान और अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में रास्ते में उपलब्ध कराया जा रहा चिकित्सा सहयोग श्रद्धालुओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहा है। सेवा रथ में आवश्यक दवाओं और चिकित्सा संसाधनों के साथ चिकित्सकीय स्टाफ की व्यवस्था की गई है।
बताया गया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा करके कांवड़िये गोला गोकर्णनाथ पहुंच रहे हैं। यात्रा के दौरान मौसम, लंबी दूरी और लगातार पैदल चलने के कारण शरीर पर थकान का असर पड़ता है। कई श्रद्धालुओं को पैरों में दर्द और सूजन जैसी परेशानी होती है, जबकि कुछ को छोटी-मोटी चोट भी लग जाती है। इन परिस्थितियों में समय पर प्राथमिक उपचार मिलना उनके लिए राहत का कारण बन रहा है।
सेवा रथ को मेले की शुरुआत में अस्पताल के संचालक एवं भाजपा नेता डॉ. कौशल वर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसके बाद चिकित्सा टीम को अलग-अलग मार्गों पर श्रद्धालुओं की मदद के लिए लगाया गया। सेवा रथ खुटार, मोहम्मदी और लखीमपुर मार्ग पर भ्रमण करते हुए कांवड़ियों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहा है।
चिकित्सा सेवा रथ में आवश्यक दवाइयों और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी संसाधनों की व्यवस्था की गई है। रास्ते में जरूरतमंद कांवड़ियों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता दी जा रही है। इसका उद्देश्य यह है कि यात्रा के दौरान किसी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर उसे प्राथमिक उपचार के लिए दूर तक भटकना न पड़े।

सेवा रथ की इस पहल का लाभ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को मिल रहा है। कांवड़ यात्रा के दौरान सेवा भाव से किए जा रहे इस कार्य की लोगों के बीच चर्चा भी हो रही है। श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी और अन्य सुविधाओं के साथ चिकित्सा सहायता भी महत्वपूर्ण जरूरत बन जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नि:शुल्क चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. कौशल वर्मा ने कहा कि सावन का महीना आस्था, श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है। दूर-दूर से भगवान भोलेनाथ के प्रति भक्ति और मनोकामना लेकर आने वाले कांवड़िये श्रद्धालुओं के लिए सम्मान के पात्र हैं। उनकी सेवा करना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों को यात्रा के दौरान किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या न हो और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके, इसी उद्देश्य से सेवा रथ संचालित किया जा रहा है।
गोला गोकर्णनाथ में सावन के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में चिकित्सा व्यवस्था का महत्व भी बढ़ जाता है। सेवा रथ के जरिए रास्ते में ही चिकित्सा सहायता उपलब्ध होने से कांवड़ियों को काफी सुविधा मिल रही है।
भगवान शिव की भक्ति में लंबी दूरी तय कर रहे कांवड़ियों के लिए यह चिकित्सा सेवा केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके प्रति सेवा और सहयोग की भावना को भी दर्शाती है। सावन के इस पावन अवसर पर नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की पहल श्रद्धालुओं के लिए राहत और सामाजिक सेवा का उदाहरण बनकर सामने आई है।

