छोटी काशी के लिए निकला कांवड़ियों का जत्था, बोल बम के जयकारों से गूंजा निघासन क्षेत्र
निघासन (लखीमपुर खीरी)। सावन के पावन महीने में भगवान शिव की भक्ति का रंग पूरे निघासन क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध गोला गोकर्णनाथ में भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए विभिन्न गांवों से कांवड़ियों के जत्थे रवाना हो रहे हैं। रविवार को भी बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर छोटी काशी के लिए निकले। इस दौरान रास्ते भर बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
सावन में शिवभक्तों की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा है। कांवड़िये पैदल यात्रा करते हुए शिवनगरी गोला गोकर्णनाथ की ओर बढ़ रहे हैं। कई जत्थों में डीजे और भक्ति गीतों की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते हुए यात्रा करते नजर आए। कांवड़ियों के साथ चल रहे श्रद्धालुओं में भी भगवान भोलेनाथ के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला।

विभिन्न गांवों से छोटी काशी के लिए रवाना हुए कांवड़िये
जानकारी के अनुसार मरू नदी से जलभरकर छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ में जलाभिषेक करने के उद्देश्य से क्षेत्र के विभिन्न गांवों से कांवड़ यात्राएं रवाना हुई हैं। कांवड़ यात्रा में सुरेश कुमार, छोटेलाल, रामबहादुर, पंकज कुमार, मुनेश कुमार समेत सैकड़ों शिवभक्त शामिल बताए गए हैं।
कांवड़ियों के जत्थे में युवाओं के साथ अन्य श्रद्धालु भी शामिल हैं। सभी श्रद्धालु कंधे पर कांवड़ लेकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने की उनकी वर्षों पुरानी परंपरा और आस्था है।
रास्ते में जगह-जगह हो रही कांवड़ियों की सेवा
कांवड़ यात्रा को लेकर स्थानीय लोगों में भी खासा उत्साह है। यात्रा मार्ग में जगह-जगह शिवभक्तों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है। स्थानीय लोग कांवड़ियों को पानी, प्रसाद और भोजन उपलब्ध कराकर उनकी सेवा कर रहे हैं।
कांवड़ियों के लिए लगाए गए सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं का स्वागत किया जा रहा है। कहीं जलपान तो कहीं भोजन की व्यवस्था की गई है। इससे लंबी पैदल यात्रा कर रहे कांवड़ियों को काफी राहत मिल रही है।
पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा को लेकर सतर्क
कांवड़ यात्रा के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन भी सतर्क दिखाई दे रहा है। यात्रा मार्ग पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ कांवड़ियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ग्राम पंचायत और स्थानीय स्तर पर भी यात्रा को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सहयोग किया जा रहा है। कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

बौधिया कलां समेत कई गांवों से निकली कांवड़ यात्रा
समाचार में दी गई जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत बौधिया कलां के मजरा मुरुआपुर से भी कांवड़ यात्रा छोटी काशी के लिए रवाना हुई। इसके अलावा लुधौरी, खैरहनी, बल्लीपुर, मुर्गहा, पतियां, मझगई, बहलनपुर, रामपुरवा सहित विभिन्न गांवों से भी कांवड़ियों के जत्थे गोला गोकर्णनाथ के लिए रवाना हुए हैं।
कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का लक्ष्य छोटी काशी पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना है। श्रद्धालु रास्ते में भगवान शिव का स्मरण करते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
शिवभक्ति में डूबा पूरा क्षेत्र
कांवड़ियों के जत्थों के निकलने से निघासन क्षेत्र का माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आ रहा है। भगवा वस्त्रों में कांवड़ लेकर जाते श्रद्धालु, हाथों में केसरिया झंडे और बोल बम के जयकारे लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
सावन के इस धार्मिक माहौल में छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ की ओर बढ़ रहे कांवड़ियों में जबरदस्त उत्साह है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि भगवान भोलेनाथ के दरबार में पहुंचकर जलाभिषेक करने से उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
निघासन क्षेत्र से लगातार निकल रहे कांवड़ियों के जत्थों ने सावन की भक्ति को और भी खास बना दिया है। अब श्रद्धालुओं को छोटी काशी पहुंचकर भगवान गोकर्णनाथ का जलाभिषेक करने का इंतजार है।

