मेरठ में कांवड़ियों पर CM योगी ने की पुष्पवर्षा, बोले- 4 से 4.5 करोड़ शिवभक्त हरिद्वार से लाएंगे गंगाजल
मेरठ। सावन के पवित्र महीने में चल रही कांवड़ यात्रा के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मेरठ पहुंचकर कांवड़ियों और शिवभक्तों का भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने कांवड़ियों की आस्था, समर्पण और यात्रा के प्रति उनके उत्साह की सराहना की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सावन के महीने में पवित्र कांवड़ यात्रा पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ आगे बढ़ रही है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर जा रहे शिवभक्तों के स्वागत और उनकी सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह तैयार है।
हेलीकॉप्टर से लिया कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा
मेरठ पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा मार्ग और आसपास के क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने मेरठ में आयोजित कार्यक्रम में कांवड़ियों का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विशेष तैयारी की गई थी। शिव चौक पर मुख्यमंत्री के पहुंचने के दौरान बड़ी संख्या में लोग और श्रद्धालु मौजूद रहे।

कांवड़ियों पर हुई पुष्पवर्षा
मेरठ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। इस दौरान शिवभक्तों में उत्साह देखने को मिला। कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं और रास्ते में विभिन्न स्थानों पर उनका स्वागत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कांवड़ियों की यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
4 से 4.5 करोड़ शिवभक्तों के पहुंचने का अनुमान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उम्मीद जताई कि सावन शिवरात्रि तक करीब 4 से 4.5 करोड़ श्रद्धालु हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए पहुंचेंगे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के कांवड़ यात्रा में शामिल होने को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
कांवड़िये हरिद्वार से गंगाजल लेकर लंबी दूरी की पैदल यात्रा कर अपने स्थानीय शिव मंदिरों तक पहुंचते हैं। इसके बाद सावन शिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाता है।
भक्ति के साथ सामाजिक एकता का संदेश
मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों की भक्ति और समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि सामाजिक एकता, समानता और राष्ट्रीय अखंडता की भावना को भी मजबूत करती है।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग जाति, क्षेत्र और सामाजिक पृष्ठभूमि से आने वाले शिवभक्त एक साथ कांवड़ यात्रा में शामिल होकर भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद कांवड़िये पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर सरकार की नजर
कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यात्रा मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के मेरठ दौरे और कांवड़ियों के स्वागत के दौरान भी प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता बरती।
सावन के महीने में कांवड़ यात्रा लगातार आगे बढ़ रही है और हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों का जगह-जगह स्वागत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मेरठ में कांवड़ियों पर की गई पुष्पवर्षा ने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह और बढ़ा दिया।

