सिंगाही में 4 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के आरोप पर विहिप नेता का पुलिस-प्रशासन पर हमला, कठोर कार्रवाई की मांग
55 वर्षीय आरोपी की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा आक्रोश, आचार्य संजय मिश्रा बोले—आरोपी को संरक्षण नहीं, दोष सिद्ध होने पर संपत्ति पर भी हो कार्रवाई ।
सिंगाही/लखीमपुर खीरी। लखीमपुर खीरी के सिंगाही थाना क्षेत्र के सिंगहा कला गांव में चार वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के आरोप का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। रविवार, 6 सितंबर 2026 को सामने आए इस मामले में पुलिस ने पीड़िता के परिजन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर 55 वर्षीय खलील पुत्र अशर्फी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मामले में BNS की धारा 65(2) और POCSO Act की धारा 5(m)/6 के तहत कार्रवाई की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता को चिकित्सीय परीक्षण और आवश्यक उपचार के लिए भेजा है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विहिप आचार्य संजय मिश्रा ने उठाए सवाल
घटना को लेकर विश्व हिंदू परिषद के आचार्य संजय मिश्रा ने पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र की बच्ची से जुड़े गंभीर मामले में किसी भी आरोपी को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए और कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
आचार्य संजय मिश्रा ने आरोप लगाया कि यदि अपराधियों को किसी स्तर पर संरक्षण मिलने की धारणा बनती है तो इससे उनके हौसले बढ़ते हैं और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण मुश्किल हो जाता है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि न्यायालय में आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध होते हैं तो कानून के प्रावधानों के अनुसार उसकी संपत्ति के संबंध में भी कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, संपत्ति संबंधी किसी भी कार्रवाई का निर्णय कानून और न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप ही किया जा सकता है।
गांव में भारी आक्रोश, कड़ी सजा की मांग
घटना की जानकारी फैलने के बाद सिंगहा कला गांव और आसपास के क्षेत्र में लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। बड़ी संख्या में ग्रामीण मामले को लेकर एकत्र हुए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
स्थानीय लोगों की ओर से आरोपी को फांसी दिए जाने तथा उसके घर पर बुलडोजर चलाने जैसी मांगें भी उठाई गईं। ग्रामीणों का कहना है कि मासूम बच्ची से जुड़े मामले में पुलिस को तेजी से जांच पूरी कर आरोपी के खिलाफ मजबूत कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।

हालांकि, किसी आरोपी को दोषी घोषित करने और सजा देने का अधिकार न्यायालय को है। इसलिए मामले में पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक आरोपी को केवल आरोपित के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी
पुलिस के मुताबिक पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजे जाने के साथ ही पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है।
मामले में एसएसपी डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन में कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस की प्राथमिकता मामले की निष्पक्ष जांच करने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बताई गई है।
पहचान गोपनीय रखना जरूरी
नाबालिग यौन अपराध पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन गंभीर विषय है। इसलिए पीड़िता का नाम, फोटो, घर का पता, स्कूल या ऐसी कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की जा रही है जिससे उसकी पहचान सामने आ सके। खबर में भी बच्ची को केवल “4 वर्षीय बालिका” या “मासूम” के रूप में संदर्भित किया गया है।
अब आगे की कार्रवाई पर टिकी नजर
सिंगाही की इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विहिप नेता आचार्य संजय मिश्रा की प्रतिक्रिया के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सबसे कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे।

फिलहाल 55 वर्षीय आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है, मुकदमा दर्ज हो चुका है और विवेचना जारी है। अब आगे पुलिस जांच, चिकित्सीय रिपोर्ट, साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजर है।
नोट: यह खबर उपलब्ध पुलिस सूचना और संबंधित पक्षों के बताए आरोपों पर आधारित है। आरोपी के दोषी होने का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

