लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र के करदहिया गांव में चारा लेने गए सूरज प्रसाद पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया घायल ग्रामीण का सीएचसी निघासन में उपचार कराया गया।लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र के करदहिया गांव में चारा लेने गए सूरज प्रसाद पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया ।

निघासन में चारा लेने गए ग्रामीण पर मगरमच्छ का हमला, सूरज प्रसाद घायल; ग्रामीणों में दहशत
करदहिया गांव में घटना से मचा हड़कंप, ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम और 112 पुलिस; सीएचसी में कराया गया उपचार


निघासन/लखीमपुर खीरी। लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र में रविवार, 6 सितंबर 2026 को मगरमच्छ के हमले से एक ग्रामीण घायल हो गया। घटना ग्राम करदहिया की बताई जा रही है, जहां चारा लेने गए ग्रामीण पर अचानक मगरमच्छ ने हमला कर दिया। हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद ग्रामीणों में दहशत फैल गई।


जानकारी के मुताबिक सूरज प्रसाद पुत्र मंगू रविवार को चारा लेने गए थे। इसी दौरान अचानक मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया। मगरमच्छ के हमले में सूरज प्रसाद घायल हो गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना आसपास के लोगों और संबंधित विभाग को दी।


मगरमच्छ के हमले से ग्रामीणों में हड़कंप


ग्रामीण पर मगरमच्छ के हमले की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने घायल ग्रामीण की मदद की और घटना की जानकारी पुलिस तथा वन विभाग को दी। कुछ ही समय में 112 पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया और क्षेत्र में मगरमच्छ की मौजूदगी को लेकर निगरानी शुरू की। वन विभाग की सक्रियता के बाद ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


घायल को सीएचसी निघासन में कराया गया भर्ती


मगरमच्छ के हमले में घायल सूरज प्रसाद को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) निघासन लाया गया। यहां चिकित्सकों ने उनका इलाज किया। फिलहाल उनके स्वास्थ्य को लेकर विस्तृत चिकित्सीय जानकारी सामने नहीं आई है।
घटना के बाद ग्रामीणों में अपने खेतों और आसपास के इलाकों में जाने को लेकर भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मगरमच्छ क्षेत्र में मौजूद है तो लोगों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।


वन विभाग ने शुरू की निगरानी


घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर निगरानी शुरू कर दी है। ग्रामीणों को पानी के स्रोतों, नहरों, तालाबों और आसपास के ऐसे क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत है, जहां मगरमच्छ की मौजूदगी हो सकती है।
विशेष रूप से सुबह और शाम के समय ग्रामीणों को अकेले ऐसे स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। मवेशियों के लिए चारा लेने जाने वाले लोगों को भी समूह में जाने और आसपास नजर रखने की जरूरत है।


ग्रामीणों ने सुरक्षा को लेकर जताई चिंता


मगरमच्छ के हमले के बाद करदहिया और आसपास के ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी के कारण कई बार ग्रामीणों को खतरे का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने और मगरमच्छ की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने की मांग की है।

लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र के करदहिया गांव में चारा लेने गए सूरज प्रसाद पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया घायल ग्रामीण का सीएचसी निघासन में उपचार कराया गया।


वन विभाग की टीम द्वारा मौके पर निगरानी किए जाने से लोगों को कुछ राहत मिली है। हालांकि, ग्रामीण अब इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं मगरमच्छ दोबारा आबादी या खेतों की ओर न पहुंच जाए।


वन्यजीवों से दूरी बनाए रखना जरूरी


विशेषज्ञों के अनुसार मगरमच्छ दिखाई देने पर उसके करीब जाने, उसे घेरने या पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को देनी चाहिए। ग्रामीणों को भी किसी जलस्रोत के आसपास जाने से पहले विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।


फिलहाल 6 सितंबर 2026 की इस घटना के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। घायल सूरज प्रसाद का सीएचसी निघासन में उपचार कराया गया है। वहीं मगरमच्छ की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि वन विभाग की निगरानी के बाद मगरमच्छ की गतिविधियों पर किस तरह नियंत्रण पाया जाता है।

By LAVKUSH KUMAR MAURYA

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