लखीमपुर खीरी में बाघ का आतंक: बकरियां चरा रहे किसान पर अचानक किया हमला, हालत गंभीर
लखीमपुर खीरी। जिले के बांकेगंज क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार को ग्राम पंचायत भरिवां में बकरियां चरा रहे एक किसान पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। हमले में किसान जियन लाल गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है और किसान खेतों की ओर जाने से भी डरने लगे हैं।
खेत के पास झाड़ियों से अचानक निकला बाघ
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत भरिवां के पूर्वी हिस्से में गांव से सटे इलाके में बादाम सिंह यादव के खेत के पास जियन लाल अपनी बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान आसपास की झाड़ियों में छिपा बैठा बाघ अचानक बाहर निकला और किसान पर हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से जियन लाल को संभलने का मौका नहीं मिला। बाघ ने उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। किसान की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई। ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाकर मौके पर पहुंचकर शोर मचाना शुरू किया। लोगों की भीड़ और शोर सुनकर बाघ किसान को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया।
ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने के बाद घायल किसान को तत्काल उपचार के लिए ले जाने की व्यवस्था की गई। घटना की जानकारी संबंधित वन विभाग को भी दी गई।
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर की जांच
सूचना मिलने के बाद मैलानी वन रेंज की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग के कर्मचारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों से जुड़े संकेत तलाशे। मौके पर मिले पगचिह्नों के आधार पर वन विभाग ने किसान पर हमला बाघ द्वारा किए जाने की पुष्टि की।
मैलानी वन रेंज के दरोगा प्रदीप कुमार पांडे के अनुसार, वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची थी और मौके पर मिले पगचिह्नों से बाघ की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। विभाग की टीम क्षेत्र पर नजर बनाए हुए है।
CHC गोला से जिला अस्पताल किया गया रेफर
हमले में घायल जियन लाल को वन विभाग की टीम ने एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। किसान की हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लखीमपुर रेफर कर दिया।

बताया जा रहा है कि बाघ के हमले में किसान को शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल में उनका उपचार जारी है।
ग्रामीणों में बढ़ा बाघ का डर
गांव के नजदीक बाघ के हमले की घटना सामने आने के बाद भरिवां और आसपास के इलाकों में भय का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बाघ गांव के आसपास सक्रिय है तो खेतों में काम करने वाले किसानों और पशुपालकों के लिए खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चिंता खेतों में जाने की है। किसान खेती-किसानी के काम के लिए अक्सर अकेले खेतों तक जाते हैं, लेकिन बाघ के हमले के बाद लोग अकेले खेत जाने से बच रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और बाघ की गतिविधियों पर प्रभावी नजर रखने की मांग की है।
वन विभाग ने जारी की सावधानी बरतने की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। दरोगा प्रदीप कुमार पांडे ने कहा कि ग्रामीण अकेले खेतों या गांव के आसपास न जाएं और संभव हो तो समूह बनाकर ही बाहर निकलें। विशेष रूप से झाड़ियों और सुनसान स्थानों पर जाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही है। बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ग्रामीणों को भी सतर्क किया जा रहा है।
बाघ के हमले की इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की चिंता बढ़ा दी है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि वन विभाग की निगरानी से बाघ की गतिविधियों पर नियंत्रण होगा और लोगों को राहत मिलेगी।


