खराब पनीर की शिकायत के बाद चंदी स्वीट्स पर पहुंची खाद्य विभाग की टीम ने पनीर का नमूना लिया।खराब पनीर की शिकायत के बाद चंदी स्वीट्स पर पहुंची खाद्य विभाग की टीम ने पनीर का नमूना लिया।

निघासन में खराब पनीर की शिकायत के बाद चंदी स्वीट्स पर खाद्य विभाग की छापेमारी, पनीर का सैंपल लिया

निघासन। लखीमपुर खीरी जिले के निघासन कस्बे में खराब पनीर मिलने की शिकायत के बाद खाद्य विभाग की टीम ने पलिया रोड स्थित चंदी स्वीट्स पर पहुंचकर जांच की। शिकायत के आधार पर खाद्य विभाग के अधिकारियों ने दुकान से पनीर का नमूना लिया और उसे जांच के लिए भेजने की कार्रवाई की है। विभागीय टीम की इस कार्रवाई के बाद अब पनीर की गुणवत्ता को लेकर जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

मामला नानक नगर निवासी रामकांत मौर्य की शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने चंदी स्वीट्स से करीब आधा किलो पनीर खरीदा था। घर ले जाने के बाद अगले दिन जब उन्होंने पनीर को पकाने के लिए कढ़ाई में डाला तो पनीर कथित रूप से पूरी तरह फट गया। इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत दुकान संचालक से की।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायत करने पर दुकानदार ने संतोषजनक जवाब देने के बजाय उनके साथ अभद्रता की और उन्हें खरी-खोटी सुनाई। रमाकांत मौर्य के मुताबिक दुकानदार ने पनीर वापस रख लिया और उन्हें दुकान से चले जाने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने का निर्णय लिया।

बताया गया कि शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत एसडीएम सहित खाद्य विभाग और मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। शिकायत मिलने के बाद खाद्य विभाग की टीम ने मामले को संज्ञान में लिया और गुरुवार को चंदी स्वीट्स पर पहुंचकर मौके से पनीर का नमूना लिया।

खाद्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में की गई सैंपलिंग के दौरान पनीर का नमूना जांच के लिए सुरक्षित किया गया। मौके पर हुई कार्रवाई की तस्वीर भी सामने आई है। विभाग द्वारा लिए गए नमूने की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पनीर निर्धारित खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद अब लोगों की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। यदि प्रयोगशाला जांच में पनीर मानकों के विपरीत पाया जाता है तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, जांच रिपोर्ट आने से पहले पनीर को मानकविहीन या खराब घोषित करना उचित नहीं होगा।

इस कार्रवाई से क्षेत्र की अन्य मिठाई और खाद्य पदार्थों की दुकानों पर भी खाद्य गुणवत्ता को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मिठाई, दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थ बेचने वाले प्रतिष्ठानों पर समय-समय पर गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक के अनुरूप खाद्य सामग्री मिल सके।

फिलहाल चंदी स्वीट्स से लिए गए पनीर के नमूने की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। रिपोर्ट में पनीर की गुणवत्ता को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं, इसके आधार पर ही खाद्य विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

अभी तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार विभाग ने नमूना लेकर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और संभावित कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।

By LAVKUSH KUMAR MAURYA

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