लखीमपुर खीरी: मासूम पीड़िता के घर पहुंचे विधायक शशांक वर्मा, परिवार को दी आर्थिक मदद; आरोपी के घर की नाप-जोख के निर्देश
लखीमपुर खीरी। सिंगाही थाना क्षेत्र में चार साल की मासूम के साथ दुष्कर्म के आरोप से जुड़े मामले में अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। सोमवार को विधायक शशांक वर्मा पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और बच्ची के माता-पिता व अन्य परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। विधायक ने परिवार को आर्थिक सहायता भी प्रदान की और भरोसा दिलाया कि उन्हें न्याय दिलाने के लिए हरसंभव मदद की जाएगी।
विधायक के पहुंचने के दौरान मौके पर स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने और नियमानुसार जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पीड़ित परिवार से मिलकर विधायक ने जताई संवेदना
विधायक शशांक वर्मा ने पीड़िता के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। परिवार की स्थिति और बच्ची के उपचार को लेकर भी जानकारी ली गई। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में प्रशासन और सरकार उनके साथ खड़ी है।
विधायक ने कहा कि मामले में जो भी कानूनी प्रक्रिया है, उसे तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए और पीड़ित परिवार को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच और कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार हो।
आरोपी के घर की नाप-जोख कराने के निर्देश
मामले के बीच विधायक ने मौके पर तहसीलदार को बुलाकर आरोपी के घर की नाप-जोख कराने के निर्देश दिए। प्रशासनिक स्तर पर संपत्ति से संबंधित तथ्यों की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
विधायक ने अधिकारियों से कहा कि मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू की गंभीरता से जांच की जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए।
आरोपी खलील अहमद हो चुका है गिरफ्तार
गौरतलब है कि सिंगाही थाना क्षेत्र में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने खलील अहमद पुत्र अशर्फी को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी की उम्र करीब 55 वर्ष है। उसके खिलाफ नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामले में पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाते समय आरोपी पुलिस वाहन से फरार हो गया था। बताया गया कि उसने पेशाब करने के बहाने वाहन रुकवाया और पुलिसकर्मी को धक्का देकर जंगल की ओर भागने का प्रयास किया।
इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और करीब 12 घंटे के भीतर उसे मुठभेड़ के बाद दोबारा गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, जवाबी फायरिंग में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी थी। उसके कब्जे से 315 बोर का देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है।
इलाके में पहले से बना हुआ है आक्रोश
घटना के बाद से सिंगाही क्षेत्र में स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। इससे पहले आक्रोशित लोगों ने सिंगाही-बेलरायां मार्ग पर प्रदर्शन करते हुए यातायात भी बाधित किया था। स्थिति को देखते हुए चार थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर तैनात किया गया था।
अब विधायक के पीड़ित परिवार से मिलने और आर्थिक सहायता देने के बाद परिवार को प्रशासनिक स्तर पर भी मदद की उम्मीद जगी है।
‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी’
विधायक शशांक वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं और जांच प्रक्रिया को गंभीरता से आगे बढ़ाया जाए।
उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि बच्ची के उपचार और परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर अब स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।

