निघासन लुधौरी में पूर्व लेखपाल को दोबारा प्रभार मिलने पर भड़का आक्रोश, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन; कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन की चेतावनी
निघासन/लखीमपुर खीरी। निघासन तहसील क्षेत्र के लुधौरी में पूर्व लेखपाल अविशेष श्रीवास्तव को दोबारा हल्के का प्रभार दिए जाने को लेकर किसानों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए लेखपाल को हटाने और उनके स्थान पर नए लेखपाल की तैनाती की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने एसडीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी को सौंपा।
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में लेखपाल के कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के समय राहत कार्यों से जुड़े मामलों में उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा था। ग्रामीणों ने राहत सामग्री और तिरपाल वितरण के साथ-साथ बाढ़ से प्रभावित फसलों और मकानों के नुकसान के सर्वे में भी कथित लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सर्वे और राहत प्रक्रिया में कमियों के कारण कुछ प्रभावित किसानों और ग्रामीणों को सरकारी सहायता का लाभ नहीं मिल सका।
दोबारा प्रभार मिलने पर उठे सवाल
ग्रामीणों के अनुसार, जिन समस्याओं को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आई थीं, उन्हीं के बीच पूर्व लेखपाल को दोबारा क्षेत्र का प्रभार दिए जाने से लोगों में असंतोष पैदा हुआ है। किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को उनकी शिकायतों और पुराने अनुभवों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में किसी दूसरे लेखपाल की तैनाती करनी चाहिए।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से मामले की निष्पक्षता से जांच कराने और उनकी मांग पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार करता है तो क्षेत्र के लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।
बाढ़ राहत और नुकसान के सर्वे को लेकर शिकायत
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व में आई बाढ़ के दौरान राहत सामग्री के वितरण और तिरपाल उपलब्ध कराने से संबंधित कार्यों में कथित तौर पर लापरवाही हुई थी। इसके अलावा बाढ़ से फसलों और मकानों को हुए नुकसान के सर्वे को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए।
ग्रामीणों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के लिए सरकारी राहत बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में सर्वे और पात्र लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है। उनका आरोप है कि पिछली व्यवस्था में कई प्रभावित परिवार राहत से वंचित रह गए।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक जांच और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। संबंधित पक्ष का जवाब सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से एसडीएम से पूर्व लेखपाल को लुधौरी क्षेत्र के प्रभार से हटाने तथा नए लेखपाल की नियुक्ति की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से कहा है कि उनकी शिकायत को केवल ज्ञापन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मामले की गंभीरता से जांच कर उचित निर्णय लिया जाए। उनका कहना है कि क्षेत्र में किसानों और आम ग्रामीणों से जुड़े राजस्व कार्यों को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
ज्ञापन देने के बाद ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे तहसील प्रशासन के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांग किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि क्षेत्र में राजस्व संबंधी कार्यों को पारदर्शी और सुचारु बनाने को लेकर है।
अब ग्रामीणों की नजर तहसील प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है और ग्रामीणों की शिकायतों पर जांच होती है या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
