बाघ के सामने डटकर खड़ी हुई अंशिका, दादी चम्पा देवी की जान बचाने के लिए दिखाई बहादुरी, विधायक रोमी साहनी ने किया सम्मानित
पलिया कलां/लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के पलिया कलां क्षेत्र की विशेनपुरी कॉलोनी में बाघ के हमले के दौरान अपनी दादी की जान बचाने के लिए साहस दिखाने वाली अंशिका की बहादुरी की चर्चा हो रही है। बाघ के सामने बिना घबराए डटकर खड़ी होने और अपनी दादी चम्पा देवी यादव को बचाने का प्रयास करने वाली अंशिका से पलिया विधायक रोमी साहनी ने मुलाकात की। इस दौरान विधायक ने अंशिका को सम्मानित करते हुए 5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। वहीं, बाघ के हमले में घायल हुई चम्पा देवी के इलाज के लिए 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।
बाघ के हमले के दौरान अंशिका ने दिखाई हिम्मत
जानकारी के अनुसार, विशेनपुरी कॉलोनी में चम्पा देवी यादव पर बाघ ने हमला कर दिया था। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी दौरान उनकी पोती अंशिका ने अपनी दादी को बचाने के लिए साहस दिखाया। बताया गया है कि अंशिका ने डंडे के सहारे बाघ का मुकाबला करने का प्रयास किया और अपनी दादी की मदद के लिए आगे बढ़ी।
बाघ जैसे खतरनाक वन्यजीव के सामने खड़े होकर परिवार के सदस्य को बचाने का प्रयास करना घटना का महत्वपूर्ण पहलू रहा। अंशिका के इस साहस की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर उसकी बहादुरी की चर्चा होने लगी। हालांकि, घटना के दौरान बाघ के व्यवहार, हमले की पूरी परिस्थितियों और वन विभाग की कार्रवाई से संबंधित विस्तृत आधिकारिक जानकारी की पुष्टि संबंधित विभाग से की जानी बाकी है।
विधायक रोमी साहनी ने अंशिका को दी 5 हजार रुपये की सहायता
घटना के बाद पलिया विधायक रोमी साहनी ने अंशिका और उसके परिवार से मुलाकात की। विधायक ने अंशिका के साहस की सराहना करते हुए उसे 5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी। इसके साथ ही बाघ के हमले में घायल चम्पा देवी यादव के इलाज के लिए 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
मुलाकात के दौरान परिवार की स्थिति और घायल महिला के उपचार से जुड़ी जरूरतों पर भी ध्यान दिया गया। ऐसी घटनाओं में घायल व्यक्ति के इलाज के साथ-साथ परिवार को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होता है। विधायक की ओर से दी गई आर्थिक सहायता का उद्देश्य घायल चम्पा देवी के उपचार में सहयोग करना बताया गया है।
अंशिका को 26 जनवरी पर सम्मानित कराने की मांग
विधायक रोमी साहनी ने अंशिका की बहादुरी को उचित सम्मान दिलाने के लिए जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी और प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजने की बात कही है। पत्र के माध्यम से आगामी 26 जनवरी के अवसर पर अंशिका को सम्मानित किए जाने की मांग की गई है।
यदि संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में आगे कोई कार्रवाई की जाती है, तो अंशिका को राष्ट्रीय स्तर पर वीरता या साहस के लिए सम्मान दिए जाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी सामने आ सकती है। किसी भी औपचारिक सम्मान की पुष्टि संबंधित सरकारी विभाग की घोषणा के आधार पर ही की जा सकेगी।
वन्यजीवों के हमलों के बीच सुरक्षा का सवाल
लखीमपुर खीरी के तराई क्षेत्र में मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संपर्क की घटनाएं ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करती हैं। बाघ जैसे वन्यजीवों की मौजूदगी वाले इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने, अकेले बाहर निकलने से बचने और वन विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
विशेनपुरी कॉलोनी की घटना में अंशिका ने अपनी दादी को बचाने के लिए जिस तरह साहस दिखाया, वह परिवार के प्रति उसकी चिंता को दर्शाता है। हालांकि, वन्यजीव के सामने सीधे मुकाबला करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे मामलों में लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने और तत्काल वन विभाग तथा पुलिस को सूचना देने पर प्राथमिकता देनी चाहिए।
घटना के बाद अंशिका को दी गई आर्थिक सहायता और उसे सम्मान दिलाने के लिए पत्र भेजे जाने की पहल परिवार के लिए सहयोग का विषय है। अब संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई और घायल चम्पा देवी के स्वास्थ्य से जुड़ी आगे की जानकारी का इंतजार रहेगा।
नोट: इस समाचार में घटना, सहायता राशि और सम्मान की मांग से जुड़ी जानकारी आपके द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण पर आधारित है। आधिकारिक पुष्टि और ताजा स्वास्थ्य अपडेट मिलने पर खबर को संशोधित किया जा सकता है।

