अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली के अलर्ट के बीच लखीमपुर खीरी में स्कूलों में शिक्षण कार्य स्थगितअतिवृष्टि और आकाशीय बिजली के अलर्ट के बीच लखीमपुर खीरी में स्कूलों में शिक्षण कार्य स्थगित

लखीमपुर खीरी में अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली का अलर्ट, स्कूलों में शिक्षण कार्य स्थगित

लखीमपुर-खीरी, 26 सितंबर। जनपद लखीमपुर-खीरी में मौसम विभाग की ओर से अतिवृष्टि, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम की संभावित स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जनपदवासियों से विशेष सतर्कता बरतने और मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

प्रशासन के निर्देश के अनुसार प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक के सभी विद्यालयों में शिक्षण कार्य स्थगित कर दिया गया है। खराब मौसम और संभावित आपदा को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने तक बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।

तेज हवाओं और बारिश के दौरान घरों में रहने की अपील

जिलाधिकारी ने लोगों से कहा है कि यदि बहुत जरूरी न हो तो मौसम खराब रहने के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे पक्के और सुरक्षित मकानों में रहें। तेज हवाओं के दौरान कमजोर पेड़ों, होर्डिंग, टीन शेड और अन्य असुरक्षित संरचनाओं से दूरी बनाए रखें।

प्रशासन ने विद्युत पोल और बिजली के तारों से भी सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। बारिश और तेज हवा के कारण बिजली के तार टूटने या पोल क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में उनके संपर्क में आने से गंभीर हादसा हो सकता है। इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

कच्चे और जर्जर मकानों से रहें दूर

लगातार बारिश की स्थिति में कच्चे और जर्जर मकानों के गिरने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को कच्चे अथवा जर्जर मकानों में रहने से बचने और उनके आसपास भी सावधानी बरतने की सलाह दी है।

इसके साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने को कहा गया है। बारिश के बाद जलभराव वाले स्थानों में सर्प और अन्य विषैले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए नागरिकों को ऐसे स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

आकाशीय बिजली से बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान

आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, खेत या अन्य खुले स्थानों में खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि गरज-चमक के दौरान पेड़, बिजली के खंभे या किसी अन्य ऊंची वस्तु के नीचे खड़े न हों।

यथासंभव गरज-चमक के दौरान पक्के मकान के अंदर सुरक्षित रहना चाहिए। विशेष रूप से खेतों में काम करने वाले किसानों और खुले स्थानों में रहने वाले लोगों को मौसम की चेतावनी को गंभीरता से लेने की जरूरत है।

आपदा की स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

जिलाधिकारी ने बताया कि जलभराव अथवा किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होने पर लोग अपने संबंधित खंड विकास अधिकारी (BDO) या क्षेत्रीय लेखपाल से तत्काल संपर्क कर सकते हैं।

किसी आकस्मिक स्थिति अथवा आपदा राहत की आवश्यकता होने पर जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 1077 पर सूचना दी जा सकती है। इसके अलावा 05872-298410, 05872-412865 तथा मोबाइल नंबर 9454416588 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। अपनी तथा परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करें।

By LAVKUSH KUMAR MAURYA

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