गोला गोकर्णनाथ के कबीरधाम में आयोजित कबीर महोत्सव में शामिल हुए प्रमुख नेता।गोला गोकर्णनाथ के कबीरधाम में आयोजित कबीर महोत्सव में शामिल हुए प्रमुख नेता।

लखीमपुर में स्वतंत्र देव सिंह का बड़ा बयान, बोले- मोदी-योगी को छोड़ा तो माथे पर टीका नहीं रहेगा; केशव मौर्य ने भी साधा निशाना

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के गोला गोकर्णनाथ स्थित कबीरधाम में बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को कबीर महोत्सव और कबीर स्मृति भवन के भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल और पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इस दौरान स्वतंत्र देव सिंह के बयान ने राजनीतिक चर्चा को गर्म कर दिया। उन्होंने कहा कि मोदी-योगी को छोड़ दिया तो माथे पर टीका नहीं रहेगा। वहीं, केशव प्रसाद मौर्य ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले पुलिस अपराधियों से नहीं, बल्कि पुलिस अपराधियों से डरती थी।

स्वतंत्र देव सिंह बोले- राष्ट्रवाद को प्राथमिकता दें

कबीर महोत्सव के मंच से कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने लोगों से जातिवाद, क्षेत्रवाद, व्यक्तिवाद, परिवारवाद और वंशवाद से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर आज लोग खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं, तो इसके पीछे योगी सरकार की भूमिका है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि विदेश में भी कोई भारतीय बच्चा या नागरिक फंस जाता है, तो उसे वापस लाने के प्रयास किए जाते हैं।

स्वतंत्र देव सिंह ने अपने संबोधन में श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने का उल्लेख करते हुए राष्ट्रवाद पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को सरकार के भरोसे रहते हुए अपने स्तर पर भी जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभानी चाहिए।

मंत्री ने सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग चबूतरा बनाकर सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण न करें और नाली तथा पोखरों पर कब्जा न करें। उन्होंने बच्चों की शिक्षा पर भी जोर देते हुए कहा कि अभिभावक अपना खर्च कम करके भी बच्चों को पढ़ाएं।

केशव मौर्य ने कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में अपराधियों का आतंक था और लोगों की जमीनों पर कब्जे का डर बना रहता था। उन्होंने कहा कि पहले अपराधी पुलिस से नहीं डरते थे, बल्कि पुलिस अपराधियों से डरती थी।

गोला गोकर्णनाथ के कबीरधाम में आयोजित कबीर महोत्सव में शामिल हुए प्रमुख नेता।

केशव मौर्य ने विपक्षी नेताओं राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर भी राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने तक सुशासन, विकास और गरीब कल्याण की नीतियां जारी रहेंगी। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकास और भाजपा के कमल खिलते रहने का दावा भी किया।

ओम बिरला बोले- पद नहीं, कर्मों से होती है पहचान

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने संबोधन में लोकतंत्र में विचारों की विविधता और असहमति के सम्मान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचार और दृष्टिकोण होना स्वाभाविक है, लेकिन असहमतियों का भी सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जिससे किसी के मन में घृणा पैदा हो। किसी व्यक्ति को केवल उसके पद से नहीं, बल्कि उसके कर्मों से याद किया जाता है।

ओम बिरला ने संत कबीरदास के विचारों को आज भी प्रासंगिक बताते हुए कहा कि करीब 600 वर्ष बाद भी उनकी शिक्षाएं समाज को सही दिशा दिखाने का काम कर रही हैं। उनके विचार सामाजिक सद्भाव, आपसी सम्मान और मानवीय मूल्यों की प्रेरणा देते हैं।

कबीर स्मृति भवन का भूमि पूजन, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

गोला गोकर्णनाथ क्षेत्र के मुस्तफाबाद स्थित कबीरधाम आश्रम में राष्ट्रीय संत श्री असंग देव जी ‘सर्वेश्वर सरकार’ के जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन कबीर महोत्सव संपन्न हुआ। इस अवसर पर कबीर स्मृति भवन के भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में भी प्रमुख अतिथियों ने हिस्सा लिया।

वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए कबीरधाम और कार्यक्रम से जुड़े मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने भारतीय संसद में हुए तकनीकी सुधारों का उल्लेख करते हुए संसद की कार्यप्रणाली की सराहना की।

कुल मिलाकर, कबीर महोत्सव में संत कबीर के विचारों, सामाजिक सद्भाव और स्मृति भवन के भूमि पूजन के साथ-साथ प्रदेश की कानून-व्यवस्था, राष्ट्रवाद और राजनीतिक मुद्दों पर नेताओं के संबोधन चर्चा का केंद्र रहे।

By LAVKUSH KUMAR MAURYA

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