Lakhimpur News: शिवसागर वर्मा हत्याकांड का खुलासा, दामाद संतोष गिरफ्तार; जमीन कुर्क होने के डर को बताया वजह
लखीमपुर खीरी। मथना गांव में बुजुर्ग किसान शिवसागर वर्मा की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। चारा लेकर घर लौट रहे 65 वर्षीय किसान की हत्या के मामले में उनके दामाद संतोष वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जांच में पारिवारिक विवाद और भरण-पोषण के मुकदमे से जुड़ा मामला हत्या की वजह के रूप में सामने आया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया है।
17 अक्टूबर की शाम हुई थी वारदात
सदर कोतवाली क्षेत्र के मथना गांव निवासी शिवसागर वर्मा शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 की शाम मवेशियों के लिए चारा लेकर साइकिल से घर लौट रहे थे। शाम करीब 6:30 बजे गांव के पास रास्ते में उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया। हमले में उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सड़क किनारे खून से लथपथ शव और पास में पड़ी साइकिल देखकर गांव में आक्रोश फैल गया। सूचना पर पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की।
एसपी ख्याति गर्ग समेत वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे थे मौके पर
हत्या की सूचना पर एसपी डॉ. ख्याति गर्ग, अपर पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार और सीओ सिटी महक शर्मा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे। पुलिस ने परिजनों से जानकारी जुटाई और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के दौरान ग्रामीणों ने विरोध किया। आक्रोशित लोगों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक तथा धक्का-मुक्की हुई। ग्रामीणों का कहना था कि जनवरी में शिवसागर वर्मा के भतीजे सुनील वर्मा पर हुए जानलेवा हमले का भी खुलासा नहीं हुआ था। इसी वजह से पुलिस की कार्रवाई को लेकर गांव में नाराजगी थी।
पारिवारिक विवाद और भरण-पोषण का मुकदमा
पुलिस की जांच में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, संतोष वर्मा की शादी वर्ष 2003 में शिवसागर वर्मा की बेटी अनीता देवी से हुई थी। वैवाहिक विवाद के बाद अनीता वर्ष 2007 से अपने बेटे के साथ मायके में रह रही थीं।
पति-पत्नी के बीच भरण-पोषण का मुकदमा पारिवारिक न्यायालय में चल रहा था। शिवसागर वर्मा इस मामले में अपनी बेटी की पैरवी कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, इसी मुकदमे से जुड़ी आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों को लेकर संतोष परेशान था।
जांच में यह भी सामने आया कि संतोष को अपनी चार बीघा पैतृक जमीन कुर्क होने का डर था। 16 अक्टूबर को न्यायालय में पेशी के दौरान जुर्माना जमा करने को लेकर कहासुनी होने की बात भी सामने आई। पुलिस ने इन परिस्थितियों को हत्या के पीछे संभावित वजह माना है।
खून से सनी शर्ट और बल्लम बरामद
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की। जांच से संबंधित जानकारी के अनुसार, झाड़ियों से खून से सनी शर्ट और वारदात में इस्तेमाल किया गया बताया जा रहा बल्लम बरामद किया गया। बरामद वस्तुओं की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाई।
आरोपी संतोष वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
पुराने हमले को लेकर भी उठे थे सवाल
शिवसागर वर्मा के परिवार के भतीजे सुनील वर्मा पर 19 जनवरी 2026 को जानलेवा हमला हुआ था। उस घटना का खुलासा न होने को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने नाराजगी जताई थी। हालांकि, पुराने हमले और शिवसागर वर्मा की हत्या के बीच संबंध की पुष्टि अलग से होना जरूरी है।
गांव में चर्चा, परिवार को न्याय का इंतजार
शिवसागर वर्मा की हत्या के बाद मथना गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बना था। पुलिस की गिरफ्तारी के बाद मामले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई हुई है, लेकिन परिवार को अब न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार रहेगा।
फिलहाल इस हत्याकांड में दामाद संतोष वर्मा की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने की कार्रवाई सामने आई है। आरोपी के विरुद्ध आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के बाद होगा।

