डण्डूरी में प्रथम मानसून गन्ना बुवाई का शुभारंभ, उन्नत प्रजातियों के बीज से किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद
निघासन, लखीमपुर खीरी। तहसील निघासन क्षेत्र के गांव डण्डूरी में 8 अगस्त 2026 को प्रथम मानसून गन्ना बुवाई कार्यक्रम का उत्साहपूर्वक शुभारंभ किया गया। प्रगतिशील किसान मोहम्मद जमाल अहमद पुत्र मोहम्मद सलीम अहमद के खेत पर आयोजित कार्यक्रम में ग्राम प्रधान चुन्नी लाल और चीनी मिल के RH Y.P. Rao ने संयुक्त रूप से फीता काटकर गन्ना बुवाई की शुरुआत की।
कार्यक्रम में चीनी मिल के क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। प्रथम बुवाई कार्यक्रम को लेकर किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला। अधिकारियों ने किसानों को उन्नत गन्ना प्रजातियों, वैज्ञानिक खेती और फसल प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
उन्नत प्रजातियों के बीज से हुई बुवाई
प्रथम मानसून बुवाई के लिए CoS 18231 और CoLK 16202 प्रजातियों के उन्नत बीज का चयन किया गया। बुवाई से पहले बीज और भूमि का शोधन कराया गया। इसके बाद संतुलित खाद का प्रयोग करते हुए वैज्ञानिक तरीके से खेत में गन्ने की बुवाई कराई गई।
अधिकारियों ने किसानों को बताया कि अच्छी फसल की शुरुआत गुणवत्तापूर्ण बीज और उचित भूमि तैयारी से होती है। बीज का उपचार, खेत की सही तैयारी, संतुलित पोषक तत्वों का इस्तेमाल और समय पर फसल प्रबंधन गन्ने की पैदावार बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सैकड़ों किसानों ने कार्यक्रम में लिया हिस्सा
डण्डूरी में आयोजित प्रथम मानसून गन्ना बुवाई कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में किसान शामिल हुए। किसानों ने मौके पर बुवाई की प्रक्रिया को देखा और अधिकारियों से गन्ने की उन्नत खेती को लेकर जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के दौरान चीनी मिल के अधिकारियों ने किसानों से बातचीत करते हुए उन्हें समय पर गन्ने की बुवाई करने और फसल की नियमित देखभाल करने की सलाह दी। किसानों को गन्ने की फसल में आने वाली संभावित समस्याओं और उनके प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी गई।
किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद
प्रगतिशील किसान के खेत में हुई प्रथम बुवाई को लेकर स्थानीय किसानों में उम्मीद का माहौल है। किसानों का कहना है कि यदि गुणवत्तापूर्ण बीज, समय पर बुवाई और वैज्ञानिक तरीके से फसल प्रबंधन किया जाए तो इस बार गन्ने की पैदावार बेहतर हो सकती है।
किसानों के मुताबिक चीनी मिल की ओर से मिलने वाले तकनीकी मार्गदर्शन से उन्हें आधुनिक गन्ना उत्पादन तकनीक अपनाने में मदद मिल रही है। किसानों ने उम्मीद जताई कि उन्नत प्रजातियों के इस्तेमाल से उत्पादन और फसल की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलेगा।

बुवाई के साथ अगले साल की फसल की नींव
गन्ना किसानों के लिए बुवाई का समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। खेत में जब गन्ने का बीज पड़ता है, उसी समय आने वाली फसल की नींव तैयार होती है। यही कारण है कि डण्डूरी में प्रथम मानसून बुवाई कार्यक्रम को किसानों के लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा गया।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी कि वे केवल अच्छे और प्रमाणित स्रोत से प्राप्त बीज का इस्तेमाल करें तथा बुवाई से पहले बीज और भूमि शोधन पर विशेष ध्यान दें। इसके अलावा फसल की जरूरत के अनुसार खाद और उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल करने की बात कही गई।
मिल अधिकारियों ने किसानों को दिया तकनीकी मार्गदर्शन
चीनी मिल के RH Y.P. Rao सहित क्षेत्रीय अधिकारियों ने किसानों को गन्ने की खेती से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए किसानों को पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को भी अपनाना चाहिए।
डण्डूरी में आयोजित इस कार्यक्रम ने किसानों के बीच नई फसल को लेकर उत्साह बढ़ाया। प्रथम मानसून गन्ना बुवाई के साथ ही खेतों में अगले वर्ष की मिठास की नींव रख दी गई है।
कार्यक्रम में किसानों की बड़ी भागीदारी और उन्नत गन्ना प्रजातियों के बीज से हुई बुवाई को देखते हुए क्षेत्र में गन्ना उत्पादन को लेकर नई उम्मीद जगी है।



