बरसात में साँपों से रहें सतर्क: थोड़ी सी सावधानी बचा सकती है आपकी जान, किसानों के लिए विशेषज्ञों की खास सलाह
Lok Insight Media | स्वास्थ्य / कृषि विशेष
बरसात का मौसम शुरू होते ही खेतों, बगीचों और ग्रामीण इलाकों में साँपों की गतिविधियाँ बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों और वन्यजीव जानकारों का कहना है कि साँपों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका अंधविश्वास नहीं, बल्कि जागरूकता और सावधानी है।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में हर वर्ष हजारों लोगों की मौत साँप के काटने से होती है। इनमें अधिकांश घटनाएँ ग्रामीण क्षेत्रों और खेती-किसानी के दौरान सामने आती हैं। ऐसे में किसानों और ग्रामीणों को विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है।
घर और आसपास रखें साफ-सफाई

साँप अक्सर उन स्थानों पर आते हैं जहाँ चूहे, सीलन और अंधेरा होता है। इसलिए घर और आँगन में साफ-सफाई बनाए रखें। अनाज की बोरियाँ, लकड़ियों का ढेर, ईंटों के टुकड़े, उपले और कबाड़ लंबे समय तक एक जगह जमा न रहने दें। घर में बने छोटे-छोटे छेद और बिलों को भी समय रहते बंद कर दें।
चूहों पर रखें नियंत्रण
विशेषज्ञों का कहना है कि चूहे अधिकांश साँपों का प्रमुख भोजन होते हैं। यदि घर या गोदाम में चूहों की संख्या अधिक होगी तो वहाँ साँप आने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए चूहों को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है।
खेतों में काम करते समय बरतें विशेष सावधानी

बरसात के मौसम में खेतों में घास और पानी अधिक होने के कारण साँप आसानी से दिखाई नहीं देते। कृषि कार्य करते समय हमेशा लंबे रबर के बूट, मोटे दस्ताने और पूरी बाजू के कपड़े पहनें। खेत में हाथ डालने या लकड़ी, घास अथवा पत्थर उठाने से पहले डंडे से अच्छी तरह जांच कर लें।
रात में टॉर्च का करें इस्तेमाल
रात के समय बिना रोशनी के बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो हमेशा टॉर्च साथ रखें। घर के आसपास पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखें ताकि साँप आसानी से दिखाई दे सकें।
मच्छरदानी भी देती है सुरक्षा
विशेषज्ञों के अनुसार रात में मच्छरदानी का उपयोग केवल मच्छरों से ही नहीं, बल्कि कई जहरीले कीड़ों और साँपों से भी सुरक्षा प्रदान कर सकता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में यह आदत काफी लाभदायक साबित हो सकती है।
अंधविश्वास से बचें, तुरंत अस्पताल जाएँ
यदि किसी व्यक्ति को साँप काट ले तो झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें। मरीज को शांत रखें और बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाएँ, जहाँ एंटी-स्नेक वेनम (ASV) उपलब्ध हो। समय पर इलाज मिलने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
किसानों से विशेष अपील
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि बरसात के मौसम में खेतों में कार्य करते समय सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग अवश्य करें। छोटी-सी सावधानी बड़ी दुर्घटना को टाल सकती है।
(लोक इनसाइट मीडिया की अपील: बरसात के मौसम में सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और साँपों से जुड़े अंधविश्वासों के बजाय वैज्ञानिक जानकारी पर भरोसा करें।)

By LAVKUSH KUMAR MAURYA

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