लखीमपुर में तेंदुए का खूनी हमला: आंगन के पास खेल रहे 6 वर्षीय मासूम को उठा ले गया, जंगल में मिला शव
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में जंगली जानवर के हमले से एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। सिंगाही थाना क्षेत्र में छह साल का एक बच्चा घर के पास खेल रहा था, तभी कथित तौर पर तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया और उसे उठाकर जंगल की ओर चला गया। परिजनों और ग्रामीणों ने बच्चे को बचाने के लिए पीछा किया, लेकिन काफी तलाश के बाद भी उसे जीवित नहीं बचाया जा सका। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीण वन विभाग से ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग कर रहे हैं।
शाम को खेल रहा था मासूम, तभी अचानक हुआ हमला
मिली जानकारी के अनुसार, सिंगाही थाना क्षेत्र में रहने वाले किसान जोगा सिंह का छह वर्षीय बेटा मनजोत सिंह बुधवार शाम अपने घर के आसपास बच्चों के साथ खेल रहा था। शाम ढलने के साथ ही अंधेरा बढ़ने लगा था। इसी दौरान अचानक तेंदुए ने बच्चे पर हमला कर दिया और उसे अपने जबड़े में दबाकर वहां से जंगल की तरफ भाग निकला।
बच्चे के अचानक गायब होने और घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने शोर सुनकर बाहर निकलते ही बच्चे को बचाने की कोशिश की। आसपास मौजूद लोगों ने भी तेंदुए के पीछे जाने का प्रयास किया, लेकिन अंधेरा और जंगल का इलाका होने के कारण बच्चे का पता लगाना मुश्किल हो गया।
करीब ढाई घंटे की तलाश के बाद जंगल में मिला शव
मासूम की तलाश में परिजनों के साथ गांव के लोग भी जुट गए। काफी देर तक आसपास के क्षेत्र में खोजबीन की गई। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तलाश अभियान में जुट गई।
बताया गया कि बुधवार रात करीब 8:30 बजे घर से लगभग 500 मीटर दूर जंगल के भीतर बच्चे का शव बरामद हुआ। शव की हालत देखकर परिजन और ग्रामीण सदमे में आ गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जंगली जानवर के हमले में बच्चे के सिर और बाएं हाथ पर गंभीर क्षति पहुंची थी।
जिस बच्चे के घर लौटने का इंतजार किया जा रहा था, उसकी मौत की खबर ने परिवार को तोड़कर रख दिया। गांव में शोक का माहौल छा गया और ग्रामीणों के बीच दहशत बढ़ गई।
किसान परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जानकारी के मुताबिक, जोगा सिंह खेती-किसानी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके परिवार में पत्नी कोमल प्रीत, तीन बेटे अंग्रेज सिंह, अनमोल सिंह और मनजोत सिंह के अलावा दादी अमरजीत भी हैं। मनजोत तीन भाइयों में सबसे छोटा था।
परिवार के लिए यह घटना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। जिस घर में बच्चों की हंसी-खेल से रौनक रहती थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचने लगे।
ग्रामीणों में नाराजगी, वन विभाग से कार्रवाई की मांग
मासूम की मौत के बाद गांव के लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने घटनास्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और तेंदुए के हमलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में जंगली जानवरों की आवाजाही को लेकर ग्रामीणों के बीच चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग इलाके में निगरानी बढ़ाए, तेंदुए की मौजूदगी का पता लगाने के लिए जरूरी कदम उठाए और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए उचित व्यवस्था करे। घटना के बाद बच्चों और परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
पुलिस ने शव बरामद कर शुरू की आगे की कार्रवाई
सिंगाही थाना प्रभारी राजबहादुर सिंह के अनुसार, घर के पास खेल रहे छह वर्षीय मनजोत सिंह को तेंदुआ उठा ले गया था। तलाश के दौरान बच्चे का शव जंगल से बरामद किया गया। पुलिस की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को सामने ला दिया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग घटना को गंभीरता से लेते हुए जल्द जरूरी कदम उठाएंगे, ताकि भविष्य में किसी दूसरे परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।

