लखीमपुर में मवेशियों का शिकार करने वाला तेंदुआ पिंजरे में कैद, VIDEO: दक्षिण निघासन रेंज में तीसरा तेंदुआ पकड़ा गया; दो रेंज में अब तक 21 का रेस्क्यू
लखीमपुर खीरी में जंगली तेंदुओं की चहलकदमी से ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। इसी बीच वन विभाग को एक और सफलता मिली है। ढखेरवा खालसा गांव में मवेशियों का शिकार कर रहे एक तेंदुए को वन विभाग की टीम ने पिंजरा लगाकर पकड़ लिया। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। काफी समय से इलाके में तेंदुए की मौजूदगी से लोग परेशान थे और अपने पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे।
वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए राजस्व भूमि पर पिंजरा लगाया था। पिंजरे के अंदर बकरी को चारे के रूप में बांधा गया था। रात के अंधेरे में तेंदुआ बकरी का शिकार करने के इरादे से पिंजरे के भीतर पहुंच गया। जैसे ही वह अंदर गया, पिंजरे का दरवाजा बंद हो गया और तेंदुआ उसमें कैद हो गया। सुबह जब ग्रामीणों ने पिंजरे के अंदर तेंदुए को देखा तो गांव में इसकी चर्चा फैल गई।
बकरी का शिकार करने पहुंचा, खुद पिंजरे में फंसा
जानकारी के मुताबिक, ढखेरवा खालसा और आसपास के गांवों में पिछले कुछ समय से एक तेंदुआ लगातार घूम रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ कई मवेशियों को अपना शिकार बना चुका था। रात के समय उसकी आवाजाही बढ़ने से पशुपालकों में डर बना हुआ था। लोग अपने मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे थे।
तेंदुए की लगातार मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने उसे पकड़ने की योजना बनाई। इसके तहत राजस्व भूमि पर पिंजरा लगाया गया और उसके अंदर बकरी बांधी गई। रात में शिकार की तलाश में पहुंचे तेंदुए ने जैसे ही बकरी को देखा, वह पिंजरे के अंदर चला गया। इसके बाद पिंजरे का दरवाजा बंद हो गया और वह बाहर नहीं निकल सका।
सुबह पिंजरे में तेंदुआ कैद होने की जानकारी मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों ने इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम
तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सुरक्षा इंतजामों के बीच तेंदुए को पिंजरे समेत अपने कब्जे में लिया और उसे रेंज कार्यालय ले गई।
इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ग्रामीणों को तेंदुए के नजदीक नहीं जाने की हिदायत दी। अधिकारियों का कहना था कि जंगली जानवर के करीब जाना खतरनाक हो सकता है। इसलिए लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए।
वन विभाग अब तेंदुए का मेडिकल परीक्षण कराने की तैयारी कर रहा है। जांच के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश और निर्धारित नियमों के अनुसार उसे जंगल में छोड़ा जाएगा।
दक्षिण निघासन रेंज में तीसरा तेंदुआ पकड़ा गया
दक्षिण निघासन के रेंजर मोहम्मद मोबीन आरिफ ने बताया कि ढखेरवा खालसा गांव में पकड़ा गया तेंदुआ दक्षिण निघासन रेंज का तीसरा तेंदुआ है। इससे पहले भी इस रेंज में दो तेंदुओं को पकड़ा जा चुका है। पकड़े गए तेंदुए का पहले स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, निघासन क्षेत्र की दो रेंज में अब तक कुल 21 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। इनमें उत्तर निघासन रेंज में जनवरी से अब तक 18 तेंदुओं को पकड़ा गया है, जबकि दक्षिण निघासन रेंज में अब तक तीन तेंदुए पिंजरों में कैद किए जा चुके हैं।
यह आंकड़ा इलाके में तेंदुओं की मौजूदगी और वन विभाग के सामने वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने की चुनौती को भी दर्शाता है।
ग्रामीणों की मांग, गांवों के आसपास बढ़ाई जाए निगरानी
तेंदुए के पकड़े जाने से ढखेरवा खालसा के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन आसपास के गांवों में अभी भी डर बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के कई गांवों के आसपास अब भी तेंदुओं की आवाजाही देखी जा रही है। ऐसे में केवल एक तेंदुए के पकड़े जाने से खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि गांवों के आसपास नियमित निगरानी बढ़ाई जाए। जिन इलाकों में तेंदुओं की मौजूदगी की सूचना मिल रही है, वहां जरूरत के मुताबिक पिंजरे लगाए जाएं और गश्त बढ़ाई जाए, ताकि किसी ग्रामीण या उसके मवेशी को नुकसान न पहुंचे।
फिलहाल ढखेरवा खालसा में तेंदुए के पकड़े जाने के बाद वन विभाग की निगरानी और आगे की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर बनी हुई है।

