लखहा गांव से गोला गोकर्णनाथ के लिए रवाना हुई भव्य कांवड़ यात्रा ढखेरवा सरयू नदी से जल भरकर छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ के लिए रवाना हुए सैकड़ों शिवभक्त।

लखहा गांव से छोटी काशी गोला के लिए रवाना हुई भव्य कांवड़ यात्रा, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा इलाका
लखीमपुर खीरी। सावन की भक्ति और आस्था के बीच लखीमपुर खीरी के रमियाबेहड़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत दुलही के लखहा गांव से छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ के लिए भव्य कांवड़ यात्रा रवाना हुई। ग्राम प्रधान और ग्राम समाज के सहयोग से आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। कांवड़ियों ने सबसे पहले ढखेरवा स्थित सरयू नदी से पवित्र जल भरा और इसी जल को लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए गोला गोकर्णनाथ की ओर प्रस्थान किया।


यात्रा शुरू होते ही पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से गूंज उठा। भगवा रंग में नजर आए शिवभक्तों के उत्साह और श्रद्धा ने माहौल को पूरी तरह शिवमय कर दिया। हाथों में कांवड़ और मन में भोलेनाथ के प्रति आस्था लिए श्रद्धालु अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़े।


सरयू नदी से जल भरकर शुरू हुई यात्रा
कांवड़ यात्रा की परंपरा के अनुसार शिवभक्तों ने सबसे पहले ढखेरवा स्थित सरयू नदी के तट पर पहुंचकर पवित्र जल भरा। इसके बाद श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि इसी जल से छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
शिवभक्तों का मानना है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान भोलेनाथ की आराधना करने से मन को शांति मिलती है और भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए बाबा से प्रार्थना करते हैं। इसी आस्था के साथ कांवड़िये यात्रा पर निकले हैं।

 ढखेरवा सरयू नदी से जल भरकर छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ के लिए रवाना हुए सैकड़ों शिवभक्त।


हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंजा रास्ता
कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त पूरे उत्साह के साथ “हर-हर महादेव”, “बोल बम” और भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। रास्ते में भी भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर भगवान शिव के प्रति आस्था और यात्रा को लेकर उत्साह साफ नजर आया।
यात्रा में शामिल लोगों का कहना है कि यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, सहयोग और सामूहिक आस्था का भी प्रतीक है। गांव के लोगों ने मिलकर यात्रा को सफल बनाने में सहयोग किया, जिससे शिवभक्तों का उत्साह और बढ़ गया।


ग्राम प्रधान और ग्राम समाज का मिला सहयोग
लखहा गांव से निकली इस कांवड़ यात्रा को ग्राम प्रधान के साथ-साथ ग्राम समाज का भी सहयोग मिला। सामूहिक सहयोग से शिवभक्तों के लिए यात्रा को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिली। गांव से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने से यात्रा का स्वरूप भव्य नजर आया।


यात्रा में मुकेश कुमार, अरुण कुमार, लल्लू राम, राम सहारे, दिनेश कुमार, राजेश कुमार और श्याम किशोर समेत बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। इनके अलावा गांव और आसपास के क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु भी बाबा भोलेनाथ की भक्ति में शामिल हुए।


छोटी काशी पहुंचकर करेंगे जलाभिषेक
कांवड़ यात्रा का मुख्य उद्देश्य छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना है। श्रद्धालु सरयू नदी से लाए गए पवित्र जल को भगवान शिव को अर्पित करेंगे और सुख-समृद्धि तथा परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे।
कांवड़ियों का कहना है कि वे पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ बाबा के दरबार में पहुंचेंगे। भगवान शिव से अपनी और अपने परिवार की मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करेंगे। कई श्रद्धालुओं ने देश और समाज की सुख-शांति की भी कामना करने की बात कही।


आस्था के रंग में रंगा लखहा गांव
कांवड़ यात्रा के रवाना होने के साथ ही लखहा गांव और आसपास का क्षेत्र शिवभक्ति के रंग में रंग गया। सैकड़ों शिवभक्तों के एक साथ यात्रा में शामिल होने से धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला।


लखहा गांव से छोटी काशी तक निकली यह कांवड़ यात्रा श्रद्धा, विश्वास और सामूहिक भक्ति की मिसाल बन गई है। सरयू नदी से जल लेकर निकले शिवभक्त अब गोला गोकर्णनाथ पहुंचकर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। भक्तों की यही आस्था है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना और भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती।

By LAVKUSH KUMAR MAURYA

"Lok Insight Media के माध्यम से हम देश-दुनिया, भारत, उत्तर प्रदेश, तकनीक, स्वास्थ्य और जनहित से जुड़ी ताजा खबरें पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं। हमारा उद्देश्य सही और उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है।"

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *