लखीमपुर खीरी: सावन के पहले सोमवार पर मोटे बाबा से श्री सिद्ध बाबा तक निकली भव्य बाल कांवड़ यात्रा, श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
लखीमपुर खीरी। जनपद के सिंगाही थाना क्षेत्र में सावन माह के पहले सोमवार के शुभ अवसर पर धार्मिक आस्था और उत्साह का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। क्षेत्र के प्रसिद्ध मोटे बाबा मंदिर से श्री सिद्ध बाबा मंदिर तक भव्य बाल कांवड़ यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में बड़ी संख्या में बाल कांवड़ियों, युवाओं, महिलाओं और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे मार्ग पर “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
सुबह से ही श्रद्धालु मोटे बाबा मंदिर परिसर में एकत्रित होने लगे। विधि-विधान के साथ भगवान शिव का पूजन कर कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया गया। बाल कांवड़ियों ने अनुशासन और श्रद्धा के साथ यात्रा में हिस्सा लिया। कई श्रद्धालु भगवा वस्त्र धारण किए हुए थे और हाथों में सजी-धजी कांवड़ लेकर भगवान शिव की भक्ति में लीन दिखाई दिए।

यात्रा निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए श्री सिद्ध बाबा मंदिर पहुंची, जहां सभी श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में पूरे दिन पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और क्षेत्र में शांति एवं खुशहाली की कामना की।
यात्रा के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों ने श्रद्धालुओं के स्वागत की विशेष व्यवस्था की। कई स्थानों पर जलपान, शरबत और पेयजल की व्यवस्था की गई, जिससे कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। श्रद्धालुओं ने इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए इसे धार्मिक एकता और सामाजिक सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। यात्रा मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए। प्रशासन की सक्रियता के चलते यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
सावन के पहले सोमवार का हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं। इस वर्ष भी सिंगाही क्षेत्र में निकली बाल कांवड़ यात्रा ने श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का सुंदर संदेश दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी धार्मिक यात्राएं समाज में भाईचारे और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करती हैं। बच्चों और युवाओं की बड़ी भागीदारी यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी भी अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी हुई है।
सावन के पहले सोमवार पर आयोजित इस भव्य बाल कांवड़ यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। भगवान शिव के जयघोष, भक्तों की आस्था और धार्मिक उत्साह ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। धार्मिक उल्लास और अनुशासित आयोजन के साथ यह यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई और क्षेत्रवासियों के लिए आस्था का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई।
