नानपारा से मैलानी तक रेल कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार, ब्रॉडगेज लाइन के लिए डीपीआर सर्वे को मंजूरी
बहराइच। तराई क्षेत्र में रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है। नानपारा से मैलानी के बीच रेल लाइन को नए स्वरूप में विकसित करने की योजना पर काम आगे बढ़ गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मैलानी-नानपारा रेलखंड के वैकल्पिक मार्ग पर नई बड़ी रेल लाइन से जुड़ी परियोजना के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के उद्देश्य से सर्वेक्षण को मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी है। इस परियोजना के आगे बढ़ने से बहराइच, लखीमपुर खीरी और तराई क्षेत्र के लोगों को रेल सुविधा के विस्तार की उम्मीद जगी है।
दरअसल, मैलानी और नानपारा के बीच मौजूदा रेलखंड करीब 128 किलोमीटर लंबा है। यह मार्ग बड़े हिस्से में वन्यजीव क्षेत्र से होकर गुजरता है। इसी कारण लंबे समय से इस रेलखंड के आधुनिकीकरण और आमान परिवर्तन को लेकर कई व्यावहारिक चुनौतियां सामने आती रही हैं। वन और पर्यावरण से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने अब वैकल्पिक मार्ग के जरिए परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
प्रस्तावित योजना के तहत दुधवा राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र तथा नानपारा-रायबोझा के करीब 13 किलोमीटर हिस्से को मौजूदा मार्ग से अलग रखते हुए नए विकल्प पर काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य वन्यजीवों और पर्यावरण की सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्र में बेहतर रेल संपर्क विकसित करना है।
परियोजना के प्रस्तावित स्वरूप में मैलानी-भीरा खीरी के बीच लगभग 16 किलोमीटर हिस्से का आमान परिवर्तन किए जाने की योजना है। इसके बाद भीरा खीरी से रायबोझा के बीच करीब 120 किलोमीटर लंबी नई बड़ी रेल लाइन विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इस तरह पूरी परियोजना लगभग 136 किलोमीटर क्षेत्र को जोड़ने वाली होगी।


नई रेल लाइन के निर्माण से केवल यात्री सुविधाओं में ही सुधार की उम्मीद नहीं है, बल्कि तराई क्षेत्र के व्यापार और पर्यटन को भी इसका लाभ मिल सकता है। बहराइच, लखीमपुर खीरी और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में लोग रोजगार, व्यापार और शिक्षा के लिए रेल परिवहन पर निर्भर रहते हैं। बेहतर रेल संपर्क मिलने पर इन क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान और अधिक सुविधाजनक हो सकता है।
रेल परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू पुलों और अन्य आधारभूत ढांचे का विकास भी है। प्रस्तावित कार्य में पुराने एवं कमजोर पुलों को मजबूत करने के साथ नए पुलों के निर्माण की योजना शामिल है। जानकारी के मुताबिक परियोजना के तहत कई नए पुल बनाए जाने हैं, जबकि कुछ मौजूदा पुलों के पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण पर भी काम किया जाएगा।
रेलवे की ओर से कुछ प्रमुख पुलों को भी परियोजना में शामिल किया गया है। इसके अलावा 97 नंबर के गाइड बंड को मजबूत करने के लिए करीब 8.3 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे रेल लाइन की सुरक्षा और संरचना को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना को क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई रेल लाइन से किसानों को अपने कृषि उत्पाद दूसरे बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिल सकती है। वहीं स्थानीय व्यापारियों को भी माल परिवहन के बेहतर विकल्प मिलेंगे। इससे परिवहन लागत और समय दोनों में कमी आने की संभावना है।


पर्यटन के क्षेत्र में भी इस रेल परियोजना का असर देखने को मिल सकता है। दुधवा क्षेत्र और तराई के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि वन्यजीव क्षेत्र से जुड़े किसी भी विकास कार्य में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण होगा।
रेल मंत्री की ओर से सर्वेक्षण और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया को मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना की तकनीकी और व्यवहारिक संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। डीपीआर में प्रस्तावित रेल मार्ग, पुल, स्टेशन, लागत, भूमि संबंधी जरूरतों और अन्य तकनीकी पहलुओं का अध्ययन शामिल होगा।
स्थानीय स्तर पर इस खबर को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से बेहतर रेल कनेक्टिविटी की मांग कर रहे लोगों को उम्मीद है कि सर्वेक्षण और डीपीआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना अगले चरण में पहुंचेगी।
फिलहाल यह स्पष्ट है कि नानपारा से मैलानी के बीच रेल संपर्क को नए विकल्प के साथ विकसित करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ी है। यदि प्रस्तावित परियोजना निर्धारित चरणों को पार करती है, तो आने वाले वर्षों में तराई क्षेत्र के रेल नेटवर्क, व्यापार, पर्यटन और यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

By LAVKUSH KUMAR MAURYA

"Lok Insight Media के माध्यम से हम देश-दुनिया, भारत, उत्तर प्रदेश, तकनीक, स्वास्थ्य और जनहित से जुड़ी ताजा खबरें पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं। हमारा उद्देश्य सही और उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है।"

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *