उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी।उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी।

यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी, 3.28 लाख कर्मियों को मिलेगा लाभ


लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। सरकार के इस निर्णय को महिला एवं बाल विकास से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को इस फैसले से आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।


सरकार के फैसले के मुताबिक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। यानी कार्यकर्ताओं को अब हर महीने 4,000 रुपये अधिक मानदेय मिलेगा। वहीं, आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है। सहायिकाओं के मानदेय में 2,000 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी हुई है।


कार्यकर्ताओं के मानदेय में 4 हजार रुपये का इजाफा


नई व्यवस्था के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पहले मिलने वाले 8,000 रुपये के मुकाबले अब 12,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इस तरह उनके मानदेय में सीधे 4,000 रुपये प्रति माह की वृद्धि हुई है।
इसी तरह आंगनबाड़ी सहायिकाओं के लिए भी मानदेय बढ़ाया गया है। उन्हें पहले 4,000 रुपये प्रतिमाह मिलते थे, जिसे बढ़ाकर अब 6,000 रुपये कर दिया गया है। इससे सहायिकाओं को हर महीने 2,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।


करीब 3.28 लाख कर्मियों को फायदा


बताया जा रहा है कि सरकार के इस फैसले का लाभ प्रदेश में काम कर रहीं करीब 3.28 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलेगा। मानदेय में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब आंगनबाड़ी कर्मियों की ओर से लंबे समय से भुगतान बढ़ाने की मांग की जाती रही है।


आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बच्चों तथा महिलाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं को जमीन पर लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के माध्यम से छोटे बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक देखभाल और जागरूकता से जुड़े कार्य किए जाते हैं।


बच्चों के पोषण और देखभाल में अहम भूमिका


आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं प्रदेश की बाल विकास व्यवस्था की जमीनी कड़ी मानी जाती हैं। वे बच्चों के पोषण से संबंधित गतिविधियों के साथ-साथ प्रारंभिक बाल देखभाल और सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी।


कई ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों और महिलाओं तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रमुख माध्यम हैं। ऐसे में मानदेय में बढ़ोतरी से इन कर्मचारियों के काम और आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।


लंबे समय से उठ रही थी मानदेय बढ़ाने की मांग


आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं लंबे समय से अपने मानदेय में वृद्धि की मांग करती रही हैं। उनका कहना रहा है कि वे बच्चों के पोषण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन सहित कई जिम्मेदारियां निभाती हैं, इसलिए उनके मानदेय में समय-समय पर बढ़ोतरी की जानी चाहिए।


सरकार के नए फैसले के बाद आंगनबाड़ी व्यवस्था से जुड़े कर्मियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। कार्यकर्ताओं के मानदेय में 4,000 रुपये और सहायिकाओं के मानदेय में 2,000 रुपये की मासिक बढ़ोतरी से उनके भुगतान में उल्लेखनीय अंतर आएगा।
फिलहाल सरकार के इस फैसले को प्रदेश की आंगनबाड़ी व्यवस्था से जुड़े लाखों कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।


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By LAVKUSH KUMAR MAURYA

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