लखीमपुर खीरी में खाद दुकानों पर सघन छापेमारी, 41 प्रतिष्ठानों की जांच; 9 विक्रेताओं पर कार्रवाई
लखीमपुर खीरी। किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने और खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी तथा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम अंजनी कुमार सिंह के निर्देश पर जिले में खाद विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर सघन छापेमारी अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान अधिकारियों की टीमों ने जिले में कुल 41 खाद प्रतिष्ठानों की जांच की।
जांच अभियान के दौरान कृषि विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की टीमों ने खाद की उपलब्धता, बिक्री दर, स्टॉक तथा संबंधित अभिलेखों की बारीकी से पड़ताल की। इस दौरान संदिग्ध पाए गए प्रतिष्ठानों से 8 खाद के नमूने भी लिए गए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से खाद विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति रही।
अनियमितता मिलने पर 9 विक्रेताओं पर कार्रवाई
जांच के दौरान सामने आई अनियमितताओं को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। अधिकारियों द्वारा 9 खाद विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 2 विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि किसानों को खाद की बिक्री में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों ने खाद विक्रेताओं को निर्देशित किया कि किसानों को निर्धारित दर पर ही खाद उपलब्ध कराई जाए। साथ ही बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड और स्टॉक का सही तरीके से रखरखाव किया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर कालाबाजारी या अनियमितता की गुंजाइश न रहे।


कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर प्रशासन की नजर
जिले में खाद की मांग बढ़ने के बीच प्रशासन की ओर से कालाबाजारी, जमाखोरी और ओवररेटिंग पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार खाद समय से और उचित मूल्य पर उपलब्ध हो सके।
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि यदि किसी खाद विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने, खाद की जमाखोरी करने अथवा किसानों को परेशान करने की शिकायत सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों की ओर से खाद दुकानों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।
किसानों से रसीद लेने की अपील
प्रशासन ने किसानों से भी सतर्क रहने की अपील की है। किसानों से कहा गया है कि वे खाद खरीदते समय निर्धारित मूल्य की जानकारी जरूर लें और खाद खरीदने के बाद दुकानदार से पक्की रसीद अवश्य प्राप्त करें। यदि किसी दुकानदार द्वारा अधिक कीमत मांगी जाती है या खाद की बिक्री में किसी प्रकार की अनियमितता की जाती है तो किसान इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से कर सकते हैं।
प्रशासन का मानना है कि किसानों की जागरूकता से भी खाद की कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और आवश्यकता के अनुसार अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद खरीदें।
प्रशासन की कार्रवाई से विक्रेताओं में हड़कंप
डीएम अंजनी कुमार सिंह के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के बाद खाद कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है। 41 प्रतिष्ठानों की जांच, 8 नमूने लिए जाने, 9 विक्रेताओं पर कार्रवाई और 2 लाइसेंस निलंबित किए जाने से प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसानों को खाद उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने और खाद बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने की उम्मीद बढ़ी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान लिए गए नमूनों की रिपोर्ट के आधार पर भी आगे की कार्रवाई की जाएगी।

By LAVKUSH KUMAR MAURYA

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