सीतापुर के भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी हुए भावुक, बेटी की शादी टूटने पर छल का लगाया आरोप; बोले– “दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई”
सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की सेवता विधानसभा सीट से भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी इन दिनों एक पारिवारिक मामले को लेकर चर्चा में हैं। विधायक ने अपनी बेटी के वैवाहिक जीवन से जुड़े घटनाक्रम पर सार्वजनिक रूप से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें और उनके परिवार को धोखे का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस परिवार में उन्होंने अपनी बेटी का विवाह किया, उसके बारे में बाद में ऐसी जानकारियां सामने आईं, जिनसे पूरा परिवार स्तब्ध रह गया। विधायक ने कहा कि यदि उनकी बेटी चाहेगी तो वे भी कानूनी कार्रवाई का हिस्सा बनेंगे।
विधायक ज्ञान तिवारी अपनी बेटी डॉ. प्रज्ञा तिवारी के साथ सोशल मीडिया पर लाइव आए और पूरे घटनाक्रम को विस्तार से बताया। बातचीत के दौरान वे कई बार भावुक दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि इस समय वह किसी जनप्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि एक पिता के रूप में अपनी बात रख रहे हैं। उनका कहना था कि उन्होंने अपनी बेटी को उच्च शिक्षा दिलाकर एमबीबीएस डॉक्टर बनाया और पूरी जिम्मेदारी के साथ उसका विवाह किया, लेकिन बाद में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।

विधायक के अनुसार वर्ष 2024 में उनकी बेटी का विवाह अनूज त्रिवेदी के पुत्र प्रखर त्रिवेदी से हुआ था। विवाह से पहले परिवार के बारे में जानकारी जुटाई गई थी और कई लोगों से राय भी ली गई थी। उस समय किसी प्रकार की गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी सामने नहीं आई। लेकिन कुछ समय बाद अनूज त्रिवेदी के खिलाफ कई राज्यों में महिलाओं से कथित धोखाधड़ी और फर्जी पहचान बनाकर विवाह करने के आरोप सामने आने लगे।
ज्ञान तिवारी ने दावा किया कि उन्हें बाद में पता चला कि अनूज त्रिवेदी पर अलग-अलग नामों से कई महिलाओं से विवाह कर आर्थिक ठगी करने के आरोप हैं। उनका कहना है कि यदि ये जानकारियां पहले उपलब्ध होतीं तो वे कभी अपनी बेटी का विवाह उस परिवार में नहीं करते। विधायक ने कहा कि उनका परिवार भी इस पूरे मामले में स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी बेटी शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लेती है तो वह स्वयं भी उसका पूरा साथ देंगे और आवश्यक होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने महिलाओं के साथ छल किया है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उनका यह भी कहना था कि किसी भी आरोपी को उसके प्रभाव या पहचान के आधार पर राहत नहीं मिलनी चाहिए।
विधायक ने अपनी बेटी के भविष्य को लेकर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी शिक्षित और आत्मनिर्भर है तथा अपने पैरों पर खड़ी है। परिवार उसके साथ मजबूती से खड़ा है और जब तक वह चाहेंगी, अपने माता-पिता के साथ रहेंगी। उन्होंने कहा कि बेटी की खुशहाली और सम्मान उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
इस पूरे मामले का संबंध उस आपराधिक प्रकरण से भी जोड़ा जा रहा है जिसमें अनूज त्रिवेदी को महाराष्ट्र पुलिस ने कथित वैवाहिक ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार उस पर विभिन्न राज्यों की कई महिलाओं से अलग-अलग पहचान बताकर विवाह करने और उनसे धन व आभूषण ठगने के आरोप हैं। इस मामले में पुलिस जांच जारी है और विभिन्न राज्यों से प्राप्त शिकायतों की भी जांच की जा रही है।

आरोपी अनुज त्रिवेदी को महाराष्ट्र में गिरफ्तार कर लिया गया है।
विधायक ज्ञान तिवारी ने कहा कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह की पीड़ा का सामना न करना पड़े। उन्होंने समाज से भी अपील की कि विवाह जैसे महत्वपूर्ण निर्णय से पहले परिवार और व्यक्ति की पूरी पृष्ठभूमि की सावधानीपूर्वक जांच अवश्य करें।
फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही हैं। दूसरी ओर विधायक का परिवार भी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

यह तस्वीर अनुज त्रिवेदी की है, जिस पर 25 शादियां करने का आरोप है।

