लखीमपुर खीरी के दमनाबेहड़ गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय की तस्वीर, जहां प्रधानाध्यापिका की कथित अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए।लखीमपुर खीरी के दमनाबेहड़ गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय की तस्वीर, जहां प्रधानाध्यापिका की कथित अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए।

लखीमपुर खीरी: पांच साल से स्कूल नहीं आने का आरोप, ग्राम पंचायत दुलही में दमनाबेहड़ के प्राथमिक विद्यालय की व्यवस्था पर उठे सवाल

लखीमपुर खीरी। जनपद के विकासखंड रमियाबेहड़ की ग्राम पंचायत दुलही के दमनाबेहड़ गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका की कथित अनियमित उपस्थिति को लेकर ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापिका प्रीती पिछले करीब पांच वर्षों से नियमित रूप से स्कूल नहीं आ रही हैं। इस संबंध में पूर्व में शिकायत किए जाने के बावजूद ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और विभागीय जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।

पांच साल से अनुपस्थिति का दावा, बच्चों की पढ़ाई पर चिंता

ग्रामीणों के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका की कथित गैरहाजिरी का असर विद्यालय की व्यवस्था पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि किसी शिक्षक की लंबे समय तक अनियमित उपस्थिति बनी रहती है, तो इसकी जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति, बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों की नियमितता की जांच कराई जाए। साथ ही, यह भी पता लगाया जाए कि संबंधित अवधि में विद्यालय का संचालन किस प्रकार हुआ और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई या नहीं।

राष्ट्रीय पर्वों पर भी अनुपस्थित रहने का आरोप

ग्रामीणों ने दावा किया है कि प्रधानाध्यापिका 26 जनवरी और 15 अगस्त जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्वों पर भी विद्यालय में उपस्थित नहीं रहती हैं। राष्ट्रीय पर्वों पर विद्यालयों में ध्वजारोहण के साथ विभिन्न शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। ऐसे में ग्रामीणों के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित तिथियों के उपस्थिति रजिस्टर और विद्यालय के अन्य अभिलेखों की जांच जरूरी मानी जा रही है।

हालांकि, इन अवसरों पर प्रधानाध्यापिका की वास्तविक उपस्थिति की पुष्टि संबंधित रिकॉर्ड और विभागीय जांच से ही हो सकेगी।

एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमे की धमकी देने का भी आरोप

इस मामले में ग्रामीणों ने एक अन्य गंभीर आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि प्रधानाध्यापिका की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाने पर सहायक अध्यापकों या बच्चों के अभिभावकों को कथित तौर पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी जाती है।

यह आरोप भी जांच का विषय है। मामले की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए संबंधित पक्षों का बयान लिया जाना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना आवश्यक है।

पिछले वर्ष खंड शिक्षा अधिकारी को दिया था प्रार्थना पत्र

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पिछले वर्ष इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी, रमियाबेहड़ को लिखित प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी। इसके बावजूद अब तक उन्हें किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है।

यदि शिकायत विभाग को प्राप्त हुई थी, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि उस पर क्या कार्रवाई की गई। क्या विद्यालय का निरीक्षण कराया गया? क्या शिक्षकों की उपस्थिति का सत्यापन किया गया? क्या शिकायतकर्ता ग्रामीणों से जानकारी ली गई? इन सवालों का जवाब सामने आने से मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

शिक्षा विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग

दमनाबेहड़ के प्राथमिक विद्यालय से जुड़े इस मामले में ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से निष्पक्ष जांच कराने और विद्यालय में नियमित शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनकी मांग है कि प्रधानाध्यापिका की कथित अनुपस्थिति की अवधि, उपस्थिति रजिस्टर, निरीक्षण रिपोर्ट और संबंधित अवधि के वेतन भुगतान की नियमानुसार जांच की जाए।

अब निगाहें शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या खंड शिक्षा अधिकारी, रमियाबेहड़ इस शिकायत की जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेंगे? क्या विद्यालय के अभिलेखों की पड़ताल कर ग्रामीणों की शिकायत का निस्तारण किया जाएगा? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी?

फिलहाल, मामले में विभागीय पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आने का इंतजार है। बच्चों की शिक्षा से जुड़े इस प्रकरण में पारदर्शी जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई ही पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकती है।

By LAVKUSH KUMAR MAURYA

"Lok Insight Media के माध्यम से हम देश-दुनिया, भारत, उत्तर प्रदेश, तकनीक, स्वास्थ्य और जनहित से जुड़ी ताजा खबरें पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं। हमारा उद्देश्य सही और उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है।"

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *