बरसात के मौसम में वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और गले में खराश जैसी बीमारियां आम हो जाती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इन समस्याओं से बचाव और हल्के लक्षणों में राहत के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय सुझाए हैं। हालांकि, गंभीर स्थिति में तत्काल डॉक्टरी सलाह लेने की बात भी कही गई है।
डॉक्टरों के अनुसार, शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें। गले की खराश से राहत के लिए गुनगुने पानी में नमक डालकर दिन में दो से तीन बार गरारे करने की सलाह दी गई है।
इसके अतिरिक्त, गर्म सूप, हल्दी वाला दूध और अदरक की चाय का सीमित सेवन भी आराम दे सकता है। पूर्ण आराम और पौष्टिक आहार लेना भी रिकवरी के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।

खांसी की स्थिति में, एक वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों के लिए शहद फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शहद नहीं देने की विशेष हिदायत दी गई है क्योंकि अगर हम एक वर्ष से कम बच्चों को शहद देते हैं तो उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है ।
विशेषज्ञों ने बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से बचने की सलाह दी है। यदि तेज बुखार, लगातार उल्टी, सांस लेने में तकलीफ, बेहोशी या दो-तीन दिन से अधिक समय तक लक्षण बने रहें, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को लक्षण दिखने पर बिल्कुल भी देरी नहीं करनी चाहिए। यह भी स्पष्ट किया गया है कि घरेलू उपाय केवल हल्के लक्षणों में अस्थायी राहत प्रदान करते हैं, वे किसी भी बीमारी का पूर्ण इलाज नहीं हैं। गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए समय पर डॉक्टरी सलाह और उचित उपचार ही सबसे सुरक्षित मार्ग है।
