लखीमपुर खीरी में एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद, बकरी का शिकार करने के लालच में फंसा; इलाके में पकड़ा गया 17वां तेंदुआ
लखीमपुर खीरी। जिले के उत्तर निघासन वन रेंज क्षेत्र में तेंदुओं की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। इसी बीच वन विभाग को एक और बड़ी सफलता मिली है। शुक्रवार रात बकरी का शिकार करने के लालच में एक तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। यह इस इलाके में पकड़ा गया 17वां तेंदुआ बताया जा रहा है। शनिवार सुबह तेंदुए को देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
बेरिया गांव के पास लगाया गया था पिंजरा
जानकारी के मुताबिक, वन विभाग ने बेरिया गांव के उत्तर-पूर्व दिशा में राजू बाबा की बाग के पास तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा था। शुक्रवार रात तेंदुआ पिंजरे में पहुंच गया और उसमें कैद हो गया। सुबह इसकी जानकारी मिलने के बाद आसपास के गांवों के लोग मौके पर पहुंचने लगे।
11 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद बढ़ाई गई निगरानी
बताया गया कि बाबागंज गांव में तेंदुए के हमले में 11 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद इलाके में लोगों की चिंता बढ़ गई थी। इसके बाद वन विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर पिंजरे लगाकर तेंदुओं को पकड़ने का अभियान तेज किया। पिछले तीन महीनों के दौरान इस बीट क्षेत्र में चार तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। वहीं, उत्तर निघासन वन रेंज के विभिन्न गांवों के आसपास लगाए गए पिंजरों में अब तक कुल 17 तेंदुए पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है।
लगातार तेंदुए पकड़े जाने के बावजूद ग्रामीणों में वन्यजीवों की आवाजाही को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों को खेतों और गांव के आसपास सतर्क रहने की जरूरत है।
वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची
तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की सूचना मिलने पर वन दरोगा आकाश खरवार, इसरार हुसैन और वाचर अजीज समेत वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तेंदुए की स्थिति का जायजा लिया और आगे की कार्रवाई शुरू की।
उत्तर निघासन वन रेंज के रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि तेंदुए का मेडिकल चेकअप कराया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार उसे जंगल में छोड़े जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
क्षेत्र में लगातार तेंदुओं की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। खेतों में अकेले जाने से बचना, बच्चों को निगरानी में रखना और तेंदुआ दिखाई देने पर उसके करीब जाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देना जरूरी है।
वन विभाग की कार्रवाई से ग्रामीणों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखना अभी भी जरूरी बना हुआ है।

